नोएडा वासियों को बिजली कटौती से मिलेगी राहत, 20 से अधिक सेक्टरों और सोसाइटियों में आरएमयू स्थापित

नोएडा में बिजली कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्वचालित आरएमयू (RMU) लगाने का काम तेजी से चल रहा है। 20 सेक्टरों में काम पूरा हो चुका है।

नोएडा वासियों के लिए अच्छी खबर है। शहर को बिजली कटौती से राहत दिलाने के लिए करीब 20 सेक्टरों और सोसाइटियों में स्वचालित रिंग मैन यूनिट (आरएमयू) लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद शेष सेक्टर और सोसाइटी में आरएमयू लगाने का कार्य किया जा रहा है। इससे बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी।

जिले के बिजली उपकेंद्र के फीडरों पर आरएमयू लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बीते महीनों पायलट प्रोजेक्ट के तहत नोएडा के सेक्टर-20 के बिजली उपकेंद्र पर काम शुरू कर दिया गया था। इससे एक फीडर लाइन से दिक्कतें आने पर दूसरी फीडर लाइन से तुरंत आपूर्ति शुरू होती है। इसे मैन्युअली चलाने की आवश्यकता नहीं होती। सेक्टर-20 के बिजली उपकेंद्र पर ट्रायल सफल होने के बाद शहर के अन्य उपकेंद्रों पर आरएमयू लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया। मार्च 2027 तक सभी स्थानों पर आरएमयू लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

20 इलाकों में काम पूरा

विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-22, 23, 33, चौड़ा, सेक्टर-38, 39, 40, एनएसईजेड, सेक्टर-99, 100, 82, 93 और सेक्टर-93बी समेत 20 आवासीय सेक्टर और सोसाइटी में भी आरएमयू लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इन सेक्टर, गांव और औद्योगिक सेक्टर में 40 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी।

मार्च 2027 तक का लक्ष्य

विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, जिले में विद्युत निगम के क्षेत्र में करीब 4.75 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को सवा सौ बिजली उपकेंद्रों के करीब दो हजार फीडरों से आपूर्ति मिल रही है। इन सभी बिजली उपकेंद्रों पर आरएमयू लगाने का कार्य किया जाएगा। इसका लाभ यह होगा कि लोगों को बिजली कटौती से राहत मिल जाएगी।

आरएमयू के लिए 230 करोड़ रुपये जारी

योजना के तहत बिजली फीडरों पर 230 करोड़ रुपये का फंड भी जारी किया गया है। इस राशि से बिजली उपकेंद्रों के फीडरों पर आरएमयू लगाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति का लाभ मिल सके। आवासीय सेक्टर में 1700 आरएमयू लगाने कार्य किया जाएगा। इसमें 140 आरएमयू लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसका लाभ यह होगा कि किसी एक फीडर से किसी कारण से आपूर्ति बाधित होती है तो तुरंत ही स्वचालित तरीके से दूसरे फीडर से आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता, (तकनीकी) विद्युत निगम, ”उपभोक्ताओं को नई तकनीक से निर्बाध आपूर्ति दी जाएगी। योजना के तहत सेक्टर और सोसाइटी में आरएमयू लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सभी सेक्टर और सोसाइटी में कार्य किया जाएगा।”

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