न्यू नोएडा में किसानों को मिलेगा 53% बढ़ा मुआवजा और 5% विकसित प्लॉट, प्राधिकरण ने दूर की शंकाएं

पुरानी नोएडा की तर्ज पर 'न्यू नोएडा' में भी वर्क सर्कल 13 नहीं होगा। प्राधिकरण ने न्यू नोएडा के लिए 3 नए वर्क सर्कल बनाने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है।

नोएडा। नोएडा शहर की तर्ज पर अब बसने जा रहे ‘न्यू नोएडा’ (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन – DNGIR) में भी सेक्टर या वर्क सर्कल 13 नहीं बनाया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा के प्रशासनिक विभाजन को अंतिम रूप देते समय ‘वर्क सर्कल नंबर 13’ को शामिल न करने का बड़ा फैसला किया है। गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और बुलंदशहर जिलों के करीब 80 गांवों की जमीन पर आकार ले रहे न्यू नोएडा में शहरीकरण और विकास कार्यों को गति देने के लिए तीन नए वर्क सर्कल—11, 12 और 14 का गठन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने स्पष्ट किया कि पुराने नोएडा में 1 से 10 तक वर्क सर्कल हैं, और नए क्षेत्र के लिए 11, 12 व 14 नंबर आवंटित किए गए हैं, जबकि 13 नंबर को छोड़ दिया गया है।

🚜 भूमि अधिग्रहण के लिए फील्ड स्टाफ तैनात, ओएसडी महिमा ने किसानों के साथ की बैठकें

परियोजना में तेजी लाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जमीन का विस्तृत सर्वे करने और रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन लेखपालों सहित फील्ड स्टाफ को धरातल पर उतार दिया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्राधिकरण की ओएसडी महिमा ने दादरी और बुलंदशहर के किसानों व ग्राम प्रधानों के साथ बैठकें कीं। बैठकों के दौरान किसानों ने जमीन अधिग्रहण और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं जताईं, जिस पर अधिकारियों ने उन्हें पुनर्वास और पुनर्स्थापन (R&R) नीतियों की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया।

💰 किसानों के मुआवजे में 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी, 5 प्रतिशत विकसित प्लॉट भी मिलेगा

न्यू नोएडा परियोजना के लिए किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए प्राधिकरण ने पिछले महीने भूमि अधिग्रहण की एक विशेष श्रेणी के तहत दिए जाने वाले मुआवजे की दर में 53% की बड़ी बढ़ोतरी की थी। इसके साथ ही प्रभावित किसानों को 5% विकसित प्लॉट पाने का भी अधिकार दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग फेज के आधार पर मुआवजा दरें और विकसित प्लॉट आवंटन के प्रावधान लागू किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना की देखरेख के लिए दो महाप्रबंधकों के साथ-साथ वरिष्ठ प्रबंधकों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।

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