पीजीआईएमएस में चमत्कार, 2 साल तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद 8 साल के दक्ष को मिला नया जीवन
रोहतक पीजीआईएमएस में करीब दो साल तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद 8 साल के दक्ष को स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। मेडिकल स्टाफ ने दी विदाई।
हरियाणा के रोहतक पीजीआईएमएस से एक बेहद चमत्कारी और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहाँ करीब दो साल तक वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे 8 साल के दक्ष को आखिरकार नया जीवन मिल गया है। सोमवार को जब बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तो पूरा मेडिकल और नर्सिंग स्टाफ भावुक नजर आया। बच्चे के पिता सोमबीर दहिया ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मिठाई खिलाई, उनके पैर छुए और मोमेंटो भेंट कर अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
🩺 23 महीने तक 100% ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहा दक्ष: सोनीपत से बेहोशी की हालत में लाया गया था अस्पताल
सोनीपत जिले के गढ़ी सिसाना गांव निवासी दक्ष को 5 अक्टूबर 2024 को बेहद गंभीर और बेहोशी की हालत में पीजीआईएमएस लाया गया था। उसे तेज बुखार था और वह अपने हाथ-पैर तक नहीं हिला पा रहा था। शुरुआती इलाज के बाद भी जब सुधार नहीं हुआ, तो उसे बाल गहन चिकित्सा इकाई (PICU) में वेंटिलेटर पर रखा गया। पीकू इंचार्ज डॉ. कुंदन मित्तल की देखरेख में उसे लगातार 23 महीने तक 100 प्रतिशत ऑक्सीजन, फिजियोथेरेपी और न्यूट्रिशनल सपोर्ट दिया गया। लंबी चिकित्सा और अथक प्रयासों के बाद आखिरकार बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ।
👨👩👦 पिता ने छोड़ा टैक्सी का काम: पीजीआईएमएस को माना अपना दूसरा घर, वीसी ने की मेडिकल टीम की सराहना
दक्ष के पिता सोमबीर दिल्ली में टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन बेटे के लंबे इलाज के चलते उन्हें अपना काम छोड़कर दो साल तक अस्पताल में ही डेरा डालना पड़ा। इस दौरान पीकू का पूरा स्टाफ उनके परिवार का हिस्सा बन गया। डिस्चार्ज के समय हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल भी पहुंचे और उन्होंने मेडिकल टीम की संवेदनशीलता व उत्कृष्ट सेवा की जमकर सराहना की। पिता ने भावुक होकर कहा कि पीजीआईएमएस उनके लिए पिछले दो साल से किसी मंदिर या दूसरे घर जैसा ही बन गया था।