118वीं अखिल भारतीय मेयर्स काउंसिल की बैठक संपन्न, 19 राज्यों के 35 महापौरों ने की समान कार्यकाल और अधिकारों की मांग
चंडीगढ़ में आयोजित 118वीं अखिल भारतीय मेयर्स काउंसिल की बैठक में 19 राज्यों के महापौर शामिल हुए। बैठक में मजबूत नगर निकायों और समान कार्यकाल की मांग उठी।
देश के अलग-अलग शहरों में सफाई, पानी, सीवरेज, ट्रैफिक और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों का एक समान समाधान तलाशने के उद्देश्य से चंडीगढ़ के होटल माउंटव्यू में 118वीं अखिल भारतीय मेयर्स काउंसिल की बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 19 राज्यों से लगभग 35 महापौर और नगर निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान देश भर के मेयरों ने एक स्वर में महापौरों के समान कार्यकाल, प्रशासनिक अधिकार बढ़ाने और 74वें संविधान संशोधन को पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू करने की पुरजोर मांग उठाई।
🌱 चंडीगढ़ का विकास मॉडल और प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का संबोधन: ई-मोबिलिटी और ग्रीन कवर में शहर अव्वल
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शहरों के बेहतर विकास के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। उन्होंने चंडीगढ़ के नियोजित विकास, ई-मोबिलिटी, ऊर्जा संरक्षण और शत-प्रतिशत सौर कवरेज जैसी उपलब्धियों का जिक्र किया। प्रशासक ने बताया कि नागरिकों की भागीदारी और पौधरोपण अभियानों के कारण शहर का ग्रीन कवर 51 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, डड्डूमाजरा वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और बायोगैस प्लांट के दम पर चंडीगढ़ देश का पहला स्लम-फ्री और स्वच्छ मॉडल शहर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
⚖️ मेयरों के कार्यकाल में असमानता पर चिंता: 5 साल के एकसमान कार्यकाल और अधिकारों की वकालत
काउंसिल की बैठक में महापौरों के कार्यकाल और चयन प्रक्रिया की असमानता का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी और एआईएमसी की चेयरपर्सन रेनू बाला गुप्ता ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में मेयर का कार्यकाल 1 साल से लेकर 5 साल तक अलग-अलग है और चुनाव प्रक्रिया भी भिन्न है। राज्यसभा सदस्य और एआईएमसी के क्षेत्रीय प्रमुख नवीन जैन ने सभी राज्यों के महापौरों के लिए पांच साल का एकसमान कार्यकाल तय करने की जोरदार पैरवी की। सम्मेलन के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने शहर के प्रमुख स्थलों का दौरा कर वहां की कार्यप्रणाली को समझा और आपसी सहयोग से शहरी व्यवस्थाओं को सुधारने का संकल्प लिया।