पी सिंचाई विभाग की जमीन पर बने 1800 मकान-दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, नोटिस जारी

दिल्ली के आली गांव में यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर बने 1800 मकानों और दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम।

दिल्ली: दिल्ली के आली गांव में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ बहुमूल्य जमीन पर लंबे समय से अवैध रूप से बसे करीब 1800 मकानों और दुकानों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई का शिकंजा कसने लगा है. न्यायालय की ओर से नियुक्त बैलिफ ने क्षेत्र में आधिकारिक नोटिस चस्पा कर सभी कब्जाधारियों को 26 सितंबर तक अपना सारा सामान खुद हटाकर जगह खाली करने की सख्त मोहलत दी थी. नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि तय समय सीमा तक कब्जा नहीं हटाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इन मकानों और दुकानों को खाली कराने की बड़ी कार्रवाई की जाएगी.

🏛️ 2. दो दशक से अधिक पुराना है जमीन का यह विवाद, साल 2002 में कोर्ट का फैसला आया था सिंचाई विभाग के पक्ष में

यह पूरा विवाद दो दशक से भी ज्यादा पुराना है. दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यमुना नदी से लगी सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की कई भूमि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को ट्रांसफर की गई थी, जिन पर धीरे-धीरे लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए. विभाग और स्थानीय कब्जाधारियों के बीच यह कानूनी मामला लंबे समय तक अदालत में चला. वर्ष 2002 में अदालत का फैसला यूपी सिंचाई विभाग के पक्ष में आया था, और हालांकि 2004 में कुछ हिस्सों से कब्जा हटाया भी गया था, लेकिन घनी आबादी वाले इलाकों में विरोध के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई थी. बाद में कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में कागजात पेश कर राहत की गुहार लगाई थी, लेकिन पिछले साल अदालत ने फैसला सिंचाई विभाग के पक्ष में सुनाया.

🚧 3. प्रमुख अभियंता संदीप कुमार ने दी जानकारी, आली गांव में यूपी सिंचाई विभाग की 292 एकड़ भूमि है कुल चिन्हित

यह मामला तब और गर्मा गया जब जामिया-ओखला क्षेत्र के तहत आने वाली इस जमीन पर बसे लोगों के नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में दर्ज होने की बात सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले के लिए नोडल अधिकारी (अधिशासी अभियंता बीके सिंह) की नियुक्ति की. विभाग के प्रमुख अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि आली गांव में यूपी सिंचाई विभाग की कुल 292 एकड़ भूमि है, जिसमें से अधिकांश पर अवैध कब्जे हैं. न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के अनुपालन में अब विभाग इन सभी अवैध कब्जों को सख्ती से मुक्त कराने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है.

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