फरीदाबाद में कांग्रेस की बैठक के बाद चले लात-घूंसे, भारत अरोड़ा और ईशांत कथूरिया भिड़े

फरीदाबाद में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' की बैठक के बाद पूर्व मेयर के बेटे भारत अरोड़ा और ईशांत कथूरिया के बीच धक्का-मुक्की हुई।

फरीदाबाद: कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित बैठक उस समय चर्चा में आ गई, जब बैठक खत्म होने के बाद पार्टी से जुड़े दो नेताओं के बीच जमकर विवाद हो गया. दरअसल, फरीदाबाद में कांग्रेस की बैठक के बाद भारत अरोड़ा और ईशांत कथूरिया के बीच पहले तीखी बहस हुई. देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया. इस दौरान मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों को शांत कराने का प्रयास किया.

मीडिया ब्रीफिंग के बाद शुरू हुआ विवाद: कांग्रेस की ओर से संगठन सृजन अभियान के तहत बैठक आयोजित की गई थी. बैठक से पहले मीडिया ब्रीफिंग भी रखी गई थी. ब्रीफिंग के बाद भारत अरोड़ा और ईशांत कथूरिया के बीच बातचीत के दौरान विवाद शुरू हो गया. मौके पर मौजूद नेताओं की मानें तो विवाद का मुख्य कारण भारत अरोड़ा का कांग्रेस की बैठक में शामिल होना था.

“आप कांग्रेस की बैठक में क्यों आए हैं?”: मौके पर मौजूद नेताओं से मिली जानकारी के मुताबिक ईशांत कथूरिया ने भारत अरोड़ा से कथित तौर पर सवाल किया कि वह कांग्रेस की बैठक में क्यों आए हैं? ईशांत ने उन्हें गैर-कांग्रेसी बताते हुए कहा कि, “जो लोग कांग्रेस से अलग होकर पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं होना चाहिए.” इसी बात पर भारत अरोड़ा नाराज हो गए और उन्होंने इसका विरोध किया.

बहस से धक्का-मुक्की तक पहुंचा मामला: दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में काफी तीखी हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों एक-दूसरे से बहस करते हुए धक्का-मुक्की करते नजर आए. मौके पर मौजूद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव किया. हालांकि, मामला शांत होने में कुछ समय लगा और दोनों नेता एक-दूसरे को जवाब देते रहे. विवाद बढ़ता देख कांग्रेस नेताओं ने दोनों को अलग करने की कोशिश की. काफी प्रयास के बाद स्थिति सामान्य हुई. इसके बाद भारत अरोड़ा वहां से चले गए. बैठक के बाद हुआ यह घटनाक्रम वहां मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया.

भारत अरोड़ा ने रखा अपना पक्ष: विवाद के बाद भारत अरोड़ा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि, “मैं शुरू से कांग्रेस के साथ रहा हूं और आगे भी कांग्रेस में ही रहूंगा. किसी कार्यकर्ता द्वारा उन्हें गैर-कांग्रेसी बताकर बैठक में आने पर सवाल उठाना उन्हें स्वीकार नहीं है. मेरे पास कांग्रेस पार्टी की सदस्यता है और मुझे किसी के सामने यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि मैं कांग्रेसी हूं. यदि कोई उन्हें गैर-कांग्रेसी बताकर कांग्रेस की बैठक में आने पर सवाल करेगा, तो वह इसका विरोध करेंगे.”

ईशांत कथूरिया ने भी रखा अपना पक्ष: वहीं, विवाद शांत होने के बाद ईशांत कथूरिया ने भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अरोड़ा कांग्रेस पार्टी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं. ईशांत ने कहा कि, “जो व्यक्ति कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ता है, वह कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता या नेता नहीं हो सकता. मैंने भारत अरोड़ा से केवल इतना कहा था कि यह कांग्रेस की बैठक है और यहां गैर-कांग्रेसी लोगों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए. मैंने कोई बड़ी बात नहीं कही थी, लेकिन भारत अरोड़ा इस बात पर आक्रोशित हो गए और बहस शुरू हो गई.”

बता दें कि इस विवाद में एक तरफ पूर्व मेयर अशोक अरोड़ा के बेटे भारत अरोड़ा थे, जबकि दूसरी तरफ वार्ड नंबर 13 से कांग्रेस की ओर से पार्षद का चुनाव लड़ चुके ईशांत कथूरिया थे. विवाद का केंद्र कांग्रेस से जुड़े होने और पार्टी की बैठक में शामिल होने को लेकर दोनों के अलग-अलग दावे रहे. कांग्रेस की ओर से संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है. ऐसे समय में बैठक के बाद पार्टी नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से हुआ विवाद फरीदाबाद में चर्चा का विषय बन गया है.

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