मुंबई में ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ की शुरुआत, ₹66 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर बनेंगे MOU
मुंबई में हैपनिंग हरियाणा 2.0 की शुरुआत। सीएम नायब सिंह सैनी ने ₹66,000 करोड़ के संभावित निवेश का ऐलान किया।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने रविवार को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में “हैपनिंग हरियाणा 2.0” अंतरराष्ट्रीय आउटरीच एवं ग्लोबल कैपिटल कैंपेन की प्रभावशाली शुरुआत की. 23 से 25 अगस्त तक चलने वाले तीन दिवसीय इन्वेस्टर समिट के दौरान प्रदेश में करीब 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू होने की संभावना है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अभियान के जरिए हरियाणा को वैश्विक निवेश के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया.
प्रवासी हरियाणवियों से सीधा संवाद: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अभियान के तहत मुंबई में रह रहे हरियाणवी प्रवासी परिवारों से आत्मीय संवाद किया. कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे. बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा और अभिनेत्री मेघना मलिक ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. कार्यक्रम में हरियाणा की संस्कृति, प्रतिभा और विकास संभावनाओं को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला.
“प्रवासी नहीं, हरियाणा की विस्तारित शक्ति”: इस दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि, “विदेशों और देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे हरियाणवी प्रदेश की ताकत हैं. हरियाणा से बाहर रह रहे हरियाणवी केवल प्रवासी नहीं, बल्कि हरियाणा की विस्तारित शक्ति और प्रदेश की सकारात्मक पहचान के प्रतिनिधि हैं. मेरी प्रवासी समाज से अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहने और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील है.”
हरियाणा-मुंबई का मेहनत और अवसर का रिश्ता: मुख्यमंत्री ने हरियाणा और मुंबई के रिश्ते को केवल जन्मभूमि और कर्मभूमि का संबंध नहीं बताया. उन्होंने कहा कि, “हरियाणा और मुंबई का रिश्ता केवल जन्मभूमि और कर्मभूमि का नहीं, बल्कि संस्कार और अवसर, मेहनत और विस्तार का रिश्ता है. हरियाणा ने लोगों को मेहनत और अनुशासन का संस्कार दिया, जबकि मुंबई ने उनकी प्रतिभा को बड़े अवसरों में बदलने का मंच प्रदान किया.”
विकास में प्रवासी समाज की भागीदारी जरूरी: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, “हरियाणा अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा है. उद्योग, सेवाएं, तकनीक, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, खेल, शिक्षा और नवाचार प्रदेश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण आधार बन रहे हैं. सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ हर क्षेत्र तक पहुंचाना है. गांवों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.”
“मैं केवल निवेश नहीं, विचार और भागीदारी मांगने आया हूं”: प्रवासी हरियाणवियों की विशेषज्ञता और अनुभव को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, “मैं आपसे केवल निवेश नहीं, विचार और भागीदारी भी मांगने आया हूं. मेरी प्रवासी समाज से विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, स्टार्टअप मेंटरिंग, खिलाड़ियों को सहयोग, महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने और हरियाणा के उत्पादों को मुंबई समेत वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, मीडिया एवं मनोरंजन, डिजाइन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा, खेल प्रबंधन, कृषि तकनीक और वैश्विक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में मुंबई की विशेषज्ञता हरियाणा के लिए उपयोगी हो सकती है. “
संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने का संदेश: नायब सिंह सैनी ने प्रवासी हरियाणवियों से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि, “हरियाणा आपसे दूर नहीं है. सुख में, संकट में, अवसर में और उत्तरदायित्व में हरियाणा आपके साथ एक परिवार की तरह खड़ा है. सरकार प्रदेश से बाहर रह रहे नागरिकों के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. हरियाणा के लोग देश-दुनिया में अपनी मेहनत और कर्मठता से सफलता हासिल कर रहे हैं. हरियाणा केवल कृषि और खेल के क्षेत्र में ही अग्रणी नहीं है, बल्कि आज उद्योग, आईटी, ऑटोमोबाइल, स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार निवेश के अनुकूल माहौल और बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है.”
विकसित प्रदेश की दिशा में आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा हरियाणा: वहीं, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री और प्रवासी हरियाणवियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि, “मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में हरियाणा की पहचान सिर्फ देश में ही नहीं, विदेशों में भी दिखाई दे रही है. हरियाणा पारंपरिक मूल्यों को संजोते हुए विकसित प्रदेश बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है.”
निवेश के साथ बनेगा ज्ञान और अवसर का नेटवर्क: हैपनिंग हरियाणा 2.0 का मुंबई अभियान केवल निवेश जुटाने तक सीमित नहीं है. सरकार प्रवासी हरियाणवियों के अनुभव, व्यावसायिक नेटवर्क और विशेषज्ञता को प्रदेश की नई पीढ़ी से जोड़ने पर भी जोर दे रही है. इससे स्टार्टअप, शिक्षा, कौशल, खेल, महिला उद्यमिता और कृषि आधारित कारोबार को नए बाजार मिलने की उम्मीद है. तीन दिवसीय कैंपेन में प्रस्तावित 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हरियाणा की निवेश क्षमता को नई गति दे सकते हैं.