बरवाला चुंगी पर प्रशासन और कर्मचारियों में टकराव, महिलाओं को चोटें लगने के बाद माहौल तनावपूर्ण
हिसार में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बढ़ गई है। डोर-टू-डोर वाहनों को रोकने पर पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की और कई कर्मचारी डिटेन।
हिसार : हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक बार फिर बढ़ा दी गई है। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। वहीं सरकार और प्रशासन की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी को लेकर हिसार में सफाई कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
हिसार की बरवाला चुंगी पर सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब प्रशासन डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था। विरोध कर रहे सफाई कर्मचारी वाहनों के आगे खड़े हो गए और उन्हें बाहर नहीं निकलने देने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने करीब 35 से 40 सफाई कर्मचारियों को डिटेन कर लिया। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि जहां भी वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते हैं, वहां पुलिस को आगे कर दिया जाता है। कर्मचारियों ने सरकार से 13 मई को हुए समझौते को लागू करने और मांगों से संबंधित पत्र जारी करने की मांग की है।
राज्य केंद्रीय कमेटी नगरपालिका के सदस्य और सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिशन सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम जबरदस्ती करवाया जा रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को बातचीत के जरिए उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए। बिशन सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन की भर्ती खोलना तथा मई में सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ाया गया है। इस दौरान सरकार के पास बातचीत का रास्ता खुला है। अगर सरकार बातचीत के लिए बुलाती है और समझौते को लागू करती है तो कर्मचारी आगे आंदोलन को लेकर फैसला करेंगे। वही आज पुलिस ओर सफाई कर्मचारियों की धक्कामुकी में हमारे महिला सफाई कर्मचारियों को चोटें आई है। उन्हें इलाज के लिए सिविल हस्पताल लेकर गए है।
वहीं फायर ब्रिगेड यूनियन हिसार के जिला प्रधान राजेश मेहला ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी कर रहे थे और डोर-टू-डोर वाहनों को बाहर निकलने से रोक रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने कर्मचारियों को जबरदस्ती डिटेन किया। उन्होंने दावा किया कि धक्का-मुक्की के दौरान कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आई हैं और एक महिला कर्मचारी को अधिक चोट लगने पर अस्पताल ले जाया गया। राजेश मेहला ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और सरकार को 13 मई के समझौते का पत्र जल्द जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी नहीं चाहते कि उनका प्रशासन या आम जनता के साथ टकराव हो, लेकिन अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल हिसार में सफाई कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव के बाद माहौल तनावपूर्ण है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था जारी रखने की कोशिश कर रहा है।