बवानीखेड़ा टोल प्लाजा पर सुरक्षा के इंतजाम फिसड्डी, अंधेरे और अवैध कटों से बढ़ रहे हादसे

भिवानी-हांसी राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी के बवानीखेड़ा टोल प्लाजा पर बिना सुविधाओं के पूरी टोल वसूली का मामला। बंद लाइटें और अवैध कट बढ़ा रहे हैं हादसे।

भिवानी। भिवानी-हांसी राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी पर वाहन चालकों से पूरा टोल वसूला जा रहा है लेकिन सुविधाएं अब भी आधी-अधूरी हैं। बिना औपचारिक उद्घाटन के शुरू किए गए बवानीखेड़ा टोल प्लाजा पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं हो सके हैं। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों, अधूरे निर्माण कार्य और जगह-जगह बने अवैध कटों के कारण रात के समय हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना ही टोल वसूली शुरू कर दी गई।

⚠️ बिना औपचारिक उद्घाटन के शुरू हुआ बवानीखेड़ा टोल प्लाजा

स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित निर्माण एजेंसी ने जल्दबाजी में बवानीखेड़ा टोल प्लाजा चालू कर दिया। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का अब तक आधिकारिक या औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ लेकिन वाहन चालकों से पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब टोल पूरा लिया जा रहा है तो सुविधाएं भी पूरी मिलनी चाहिए लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।

💡 बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, रात के समय छाया रहता है अंधेरा

राजमार्ग पर सुरक्षा के लिए डिवाइडर और प्रमुख चौराहों पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं लेकिन इनमें से अधिकांश अब तक चालू नहीं की गई हैं। सूरज ढलते ही राजमार्ग का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों की हेडलाइट ही एकमात्र सहारा होती है। अंधेरे के कारण सामने आने वाले मोड़ और अवरोधक समय रहते दिखाई नहीं देते जिससे तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। भिवानी के तिगड़ाना मोड़ के कुछ हिस्से को छोड़कर बवानीखेड़ा तक अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इसके कारण अवैध कटों पर दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ गई है।

🚧 अवैध कट और अधूरे निर्माण कार्य दे रहे हादसों को न्योता

राजमार्ग पर जगह-जगह बने अवैध कट सबसे बड़ी समस्या बने हुए हैं। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण वाहनों के आवागमन के लिए सात से आठ अस्थायी कट बनाए गए हैं। रात के समय अंधेरे में ये कट दिखाई नहीं देते। ऐसे में इन रास्तों से अचानक मुख्य सड़क पर आने वाले वाहन या मवेशी गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। कई बार तेज रफ्तार वाहन इन कटों के पास अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर हो जाते हैं जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का खतरा भी बना रहता है।

🗣️ यात्रियों की परेशानी और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
  • राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। लेकिन वाहन चालकों से टोल फीस पूरी वसूली जा रही है। यह गलत है। रात के समय लाइटों की सुविधा नहीं है। फीस तभी वसूली जानी चाहिए जब वाहन चालकों के लिए सुविधाएं पूरी हो जाएं।

  • मैं प्रतिदिन इस राजमार्ग से हांसी कार्य करने के लिए जाता हूं। लेकिन आधी-अधूरी सुविधाओं के बीच टोल वसूलना लोगों की जेब पर बोझ डालना है। प्रशासन को सोचना चाहिए कि अगर पूरे राजमार्ग का वाहन चालक प्रयोग ही नहीं कर रहे हैं तो टोल वसूलना गलत है।

  • मैं प्रतिदिन इस राजमार्ग से निकलता हूं। लेकिन बवानीखेड़ा के नजदीक पहुंचते ही निर्माण कार्य पूरा नहीं है। इस कारण गाड़ी को कस्बे के अंदर से ले जाना पड़ता है और समय भी अधिक लगता है। लेकिन टोल पूरा दिया जा रहा है। जब तक सभी सुरक्षा मापदंड और सुविधाएं पूरी न हों, तब तक टोल दरों में राहत दी जाए या व्यवस्था दुरुस्त की जाए।

प्रशासनिक पक्ष: राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा होने में अभी दो माह का समय लगेगा। फिलहाल पावरग्रिड का कार्य चल रहा है। इस कारण वाहनों को राजमार्ग पर चढ़ाने और उतारने के लिए लोहे की ग्रिल हटाकर रास्ता दिया गया है। लाइटें बंद होने के कारणों की जांच करवा लेता हूं। अगर किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत होगी तो उसे एक सप्ताह में ठीक करवाकर लाइटें चालू कर दी जाएंगी।

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