बांकीपुर में भाजपा की हार पर बोले संदीप दीक्षित, कहा- यह देश से सफाए की शुरुआत है

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल की तुलना 'मौसमी मेंढक' से करते हुए तीखा हमला बोला। वहीं बिहार बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार पर भी बड़ी प्रतिक्रिया दी।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने एक बार फिर AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल को लेकर तीखा बयान दिया है। संदीप का कहना है कि केजरीवाल को किसी भी विषय की समझ नहीं है और वे केवल राजनीतिक विषयों पर बिना किसी जानकारी के राजनीति करते हैं। ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर मंगलवार को AAP प्रमुख द्वारा पीएम आवास तक निकाले गए मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए दीक्षित ने केजरीवाल की तुलना ऐसे मौसमी मेंढक से की, जो कि केवल कूदते-फांदते रहते हैं। इसके अलावा बिहार के बांकीपुर में भाजपा की चौंकाने वाली हार को लेकर उन्होंने कहा, यह देश से भाजपा के सफाए की शुरुआत है, जिसकी पहल वहां से हुई है।

एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए संदीप दीक्षित ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर कहा, ‘पता नहीं आप उनको क्यों गंभीरता से लेते हैं। कौन सा विषय है, जिसकी उनको समझ है या पकड़ है। वो तो राजनीतिक विषय पकड़ते हैं। स्टूडेंट्स का हुआ तो मंच पर जाकर चढ़ गए, मंच पर वाहवाही नहीं मिली, इथेनॉल तो बड़े दिनों से चल रहा है, अचानक इनको इथेनॉल याद आ गया, इनको लगा वहां फेल हो गए, तो अब इथेनॉल के चक्कर में चलते हैं, तो आप गंभीरता से मत लिया करो, ये तो वो मौसमी मेंढक हैं, जो कूदते रहते हैं।’

उधर बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में जुन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर की जीत पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, ‘स्थानीय वजह क्या रहीं वो तो वहां के नेता ज्यादा अच्छे से बता पाएंगे। लेकिन अभी तक BJP का जो विरोध था, प्रधानमंत्री की घटती लोकप्रियता थी, उनकी बुरी नीतियों का लोगों पर असर था, वह धीरे-धीरे समाज के अंदर फैलता जा रहा था। लेकिन बार-बार ये होता था कि अंततः तो पार्टियां चुनाव पर निर्भर करती हैं। चुनाव वो किस तरह से मैनेज करते थे, सत्ता का दुरुपयोग करके उस पर असर डालते थे, तो ये बात तो किसी से छुपी हुई नहीं थी। तो उससे कई बार उनको राजनीतिक जीत भी मिलती थी। इससे ऐसी धारणा बनी कि लोग पार्टी की आर्थिक और सामाजिक नीतियों से उतने नाराज नहीं थे, जितना बताया जाता है।’

अपनी बात को बढ़ाते हुए आगे उन्होंने कहा, ‘लेकिन अब वो उन जगहों पर भी हारने लगे हैं, जो कभी उनका गढ़ होती थी। और छोटे-मोटे मार्जिन से नहीं बल्कि अच्छे खासे मार्जिन से और वो भी बहुकोणीय मुकाबले में, क्योंकि ऐसे मामलों में माना जाता है, कि भाजपा का अपना वोटबैंक तटस्थ रहता है जो कहीं नहीं जाता है, और बाकी दलों का जिसे प्रगतिशील वोट माना जाता है वो बिखर जाता है। अब वो वोट भाजपा के खिलाफ लामबंद होने लगा है, और बेहतर से बेहतर स्थिति में भी भाजपा को 35 से 40 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिला है, तो ये वो संकेत है कि अगर बाकी का 60-65 प्रतिशत वोट इकट्ठा होने लगा तो ये लोग सिरे से साफ हो जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह भाजपा की देश से सफाया होने की शुरुआत है, जिसकी पहल यहां से हुई है।’

वहीं तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के आपत्तिजनक बयान को लेकर हुई उनकी गिरफ्तारी को लेकर दीक्षित ने कहा, ‘मेरा ये कहना है, क्या बयान है, क्या नहीं है, मैंने सुना नहीं है। लेकिन अगर किसी ने कोई बयान दिया है, जो किसी के सम्मान में आपत्तिजनक है या उससे घृणा फैलती है, मानहानि होती है, गलत बयानी होती है, समाज में हिंसा होती है या किसी पर आप व्यक्तिगत रूप से ऐसे आरोप लगाते हैं जो सभ्य भी नहीं माने जाते हैं, तो फिर सरकार को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए। बाकी पक्ष-विपक्ष में वाद-विवाद चलते रहते हैं। ‘

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