बाराबंकी में कारोबारी की सनसनीखेज हत्या; 14 लाख रुपये के लेन-देन और प्रेम प्रसंग में 5 लाख की सुपारी देकर मार डाला
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में 14 लाख रुपये के विवाद और प्रेम प्रसंग के चलते नीतेश मौर्य की हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 5 लाख की सुपारी लेने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
भरोसे में धोखा, कारोबार में लाखों की हेराफेरी और प्रेम संबंधों की रंजिश—इन तीनों वजहों ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक युवक की जिंदगी छीन ली। जिस कारोबारी साथी के साथ नीतेश मौर्य धान खरीद का काम करता था, उसी पर उसके 14 लाख रुपये हड़पने और धान खरीद में 10 लाख रुपये की कथित हेराफेरी करने का गंभीर आरोप है। जब नीतेश ने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तो आरोपी ने महज 5 लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी दर्दनाक हत्या करवा दी।
पुलिस के मुताबिक, यह सनसनीखेज वारदात 29 अक्टूबर को बड्डूपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपियों ने रास्ते से नीतेश को जबरन कार में बैठाया और सीतापुर के पिसावां क्षेत्र में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात में केवल कारोबारी विवाद ही नहीं, बल्कि एक महिला से प्रेम संबंध की रंजिश का एंगल भी सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर इस ब्लाइंड मर्डर का पूरी तरह खुलासा कर दिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार और अन्य सामान भी बरामद कर लिए हैं।
💰 पैसे का तगादा करना नीतेश को पड़ा भारी, रची गई साजिश
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि सीतापुर के सरेया महिपतपुर निवासी नीतेश मौर्य, आरोपी मनोज मौर्य के साथ मिलकर धान खरीद का कारोबार करता था।
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लाखों की हेराफेरी: आरोप है कि मनोज ने नीतेश से आरओ प्लांट लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये लिए थे और इसके अलावा धान खरीद में भी 10 लाख रुपये की हेराफेरी कर दी थी।
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हत्या का ताना-बाना: मामला सामने आने के बाद जब नीतेश लगातार अपनी रकम वापस मांगने लगा, तो मनोज घबरा गया। अपनी रकम लौटने से बचने के लिए उसने अपने साथी अंकित गुप्ता के साथ मिलकर नीतेश को रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई।
💔 क्या था पूरा प्रेम प्रसंग का एंगल?
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नीतेश के एक महिला के साथ प्रेम संबंध थे। दिलचस्प बात यह थी कि मुख्य साजिशकर्ता अंकित गुप्ता भी उसी महिला से बातचीत करता था, इसी बात को लेकर दोनों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। कारोबारी लेनदेन के विवाद और प्रेम संबंधों से जुड़ी इसी कथित दुश्मनी ने इस हत्या की साजिश को जन्म दिया। मनोज और अंकित ने मिलकर नीतेश को रास्ते से हटाने के लिए अन्य अपराधियों को भी अपने साथ मिला लिया।
🤝 5 लाख रुपये में हायर किए गए थे सुपारी किलर
पुलिस खुलासे के अनुसार, मुख्य आरोपी मनोज मौर्य ने दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा को 5 लाख रुपये में सुपारी पर हायर किया। इसके बाद दीपू ने अमरेंद्र और दो अन्य लोगों को इस वारदात में शामिल होने के लिए राजी किया।
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अपहरण और मर्डर: संयोगवश 29 अक्टूबर को नीतेश अपनी बाइक से लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित अपनी बहन के घर से वापस लौट रहा था। इसकी सटीक जानकारी उसकी महिला मित्र ने फोन पर अंकित गुप्ता को दे दी।
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इसके बाद घात लगाए बैठे आरोपियों ने बड्डूपुर क्षेत्र में डफरपुर के आगे डॉ. राजेंद्र प्रसाद हॉस्पिटल के पास नीतेश को रोककर कार में बैठा लिया और सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र स्थित पन्नू फैमिली रेस्टोरेंट के पास ले जाकर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।