बिजनौर की स्वदेशी हर्बल चाय का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा, विदेशी मेहमान भी हुए मु मुग्ध
बिजनौर की महिलाओं द्वारा तैयार 'विदुर हर्बल टी' छाई ब्रिक्स सम्मेलन में। 12 करोड़ के टर्नओवर वाले इस ब्रांड की विदेशों में मांग।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के छोटे से गांव लखीवाला की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ (Vidur Herbal Tea) ने आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहरा दिया है. दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में आए दुनिया भर के शीर्ष नेताओं और विदेशी मेहमानों को इस स्वदेशी ऑर्गेनिक हर्बल चाय का जायका परोसा जा रहा है, जिसकी विदेशी कूटनीतिज्ञ और मेहमान जमकर तारीफ कर रहे हैं.
कभी महज 1 लाख रुपये के छोटे से लोन से शुरू हुआ यह सफर आज 12 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाले विशाल ग्लोबल ब्रांड में तब्दील हो चुका है. दिल्ली में चल रहे BRICS सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों और अधिकारियों के लिए ‘विदुर हर्बल टी’ आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है.
इस ऑर्गेनिक चाय की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए अब सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे विकसित देशों में इसकी फ्रेंचाइजी और आउटलेट खोलने की जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं. इससे पहले दिल्ली के इंटरनेशनल फूड फेस्टिवल और प्रयागराज के महाकुंभ में भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों ने इस स्वदेशी चाय की चुस्कियों की खूब सराहना की थी.
लोकल से ग्लोबल: 1 लाख रुपये से 12 करोड़ का साम्राज्य
बिजनौर जिला प्रशासन द्वारा दिसंबर 2023 में स्थापित इस कम्युनिटी ब्रांड की नींव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत रखी गई थी. स्वयं सहायता समूह की बबीता रानी और उनकी साथी महिलाओं ने मिलकर एक छोटे से प्रयास के रूप में इसकी शुरुआत की थी. आज बिजनौर में ही इसके 35 से अधिक आउटलेट और कैफे संचालित हो रहे हैं, जबकि मुरादाबाद सहित उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में इसका नेटवर्क तेजी से फैल रहा है.
सेहत का खजाना है यह प्राकृतिक हर्बल चाय
विदुर हर्बल टी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान का सबसे बड़ा कारण इसकी शत-प्रतिशत शुद्धता और आयुर्वेदिक गुण हैं. यह पूरी तरह से प्राकृतिक और स्वदेशी जड़ी-बूटियों का मिश्रण है, जिसमें शामिल हैं-
- लेमन ग्रास और तुलसी: ताजगी और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के लिए.
- गिलोय और कच्ची हल्दी: शरीर को संक्रमण, सर्दी-खांसी और वायरल से बचाने के लिए.
- मुलेठी और दालचीनी: गले की खराश दूर करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए.
- इलायची और सौंफ: बेहतरीन प्राकृतिक स्वाद और सुगंध के लिए.
पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में की सराहना
बिजनौर की इन हुनरमंद महिलाओं की सफलता की गूंज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंची. पीएम मोदी ने अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में बिजनौर की इन महिलाओं के प्रयास की खुले दिल से तारीफ की थी. पीएम मोदी ने कहा था, “जब स्थानीय ज्ञान, प्रकृति और महिलाओं का आत्मविश्वास एक साथ मिलता है, तो एक छोटा सा प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन जाता है.” पीएम की इस प्रेरणादायक सराहना के बाद से विदुर चाय के वैश्विक ऑर्डर्स और डिस्ट्रीब्यूटरशिप की मांग में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई.
300 से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर ने बताया कि विदुर ब्रांड आज उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है. इस मुहिम के माध्यम से बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों की 300 से अधिक ग्रामीण महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सैकड़ों अन्य परिवारों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है. कभी घर के चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने उत्पाद का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और विदेशी एक्सपोर्ट डील संभाल रही हैं.