बीजेपी पूर्वांचल में करेगी 55 हजार बूथों की ग्रेडिंग, काशी और गोरक्ष क्षेत्र में तैयार हो रही नई रणनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी पूर्वांचल के करीब 55 हजार बूथों की दोबारा ए, बी, सी और डी कैटेगरी में ग्रेडिंग करने जा रही है।
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी से अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में पार्टी पूर्वांचल के काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 133 विधानसभा सीटों पर अपने संगठन और बूथ प्रबंधन को मजबूत करने में जुट गई है। हाल ही में चले प्रशिक्षण शिविरों से मिले संकेतों के मुताबिक, पार्टी इन दोनों क्षेत्रों के करीब 55 हजार बूथों की ग्रेडिंग दोबारा करने जा रही है। इन सभी बूथों को एक बार फिर A, B, C और D श्रेणियों में बांटा जाएगा, ताकि हर एक बूथ की जमीनी हकीकत और मौजूदा स्थिति के आधार पर सटीक चुनावी रणनीति बनाई जा सके।
📊 लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा: चार श्रेणियों में तय होंगे मजबूत और कमजोर बूथ
साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी बीजेपी ने बूथों को चार श्रेणियों में बांटकर शानदार सफलता हासिल की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक न रहने के बाद पुरानी ग्रेडिंग की समीक्षा करना जरूरी हो गया था। पार्टी के आंतरिक आकलन में ऐसे कई बूथ सामने आए जिन्हें 2022 में मजबूत माना गया था, लेकिन 2024 में वहां कम वोट मिले। इसके विपरीत कुछ कमजोर माने गए बूथों पर बेहतर परिणाम मिले। अब नई व्यवस्था के तहत A कैटेगरी (80% से अधिक सक्सेस रेट), B कैटेगरी (60-80%), C कैटेगरी (बराबरी का मुकाबला) और D कैटेगरी (40% या उससे कम सक्सेस रेट वाले बूथ) तय किए जाएंगे, जिससे हर बूथ की जिम्मेदारी और जवाबदेही साफ हो सके।
📱 ‘सरल ऐप’ और ‘त्रिकोण फॉर्मूला’ से होगी निगरानी, विस्तारक जुटाएंगे जनता का फीडबैक
बूथों की इस नई ग्रेडिंग और मॉनिटरिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक ‘सरल ऐप’ का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से जिला पालकों, विधानसभा प्रभारियों और विस्तारकों का एक मजबूत ‘त्रिकोण’ तैयार किया जाएगा, जो आपस में तालमेल बिठाकर सीधा फीडबैक संगठन तक पहुंचाएंगे। विस्तारकों को प्रत्येक बूथ पर 15 अति सक्रिय कार्यकर्ता तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही, यह भी टटोला जाएगा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक कितना पहुंच रहा है और स्थानीय स्तर पर लोगों की क्या समस्याएं हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर पार्टी अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप देगी।