भैंस खरीदने पर मिलेगी 80,000 रुपये तक की सब्सिडी, मुख्यमंत्री नायब सैनी का बड़ा ऐलान

हरियाणा सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। भैंस खरीदने पर 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका को सुदृढ़ बनाने और जरूरतमंद परिवारों की आय में इजाफा करने के लिए पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय परिवारों को आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसी कड़ी में पशुपालन विभाग द्वारा भैंस खरीदने पर 80,000 रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है, जबकि वीटा की ओर से 50,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है।

💰 दूध उत्पादन पर प्रोत्साहन राशि और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा: हर हित स्टोर व वीटा बूथ का होगा विस्तार

सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत दूध उत्पादन पर 10 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था है। इसके साथ ही, महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए ब्याज मुक्त ऋण तथा कम से कम 15,000 भैंसों के लिए ऋण उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है, ताकि सालाना 1.80 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधर सके। इसके अलावा, रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए 1 नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर और 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार व सांझा बाजार खोलने की तैयारी है।

👩‍👧 महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास: खेती के साथ पशुपालन बन रहा है विकल्प

पशुपालन ग्रामीण अंचल में आजीविका का एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साधन है। खेती के साथ-साथ पशुपालन अपनाने से ग्रामीण परिवारों को नियमित कमाई का एक वैकल्पिक स्रोत मिल जाता है। इस पूरे व्यवसाय में महिलाएं पशुओं की देखभाल और डेयरी कार्यों के जरिए सक्रिय भूमिका निभाती हैं। सरकार के इन प्रयासों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

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