माचा चाय (Matcha Tea) के फायदे और नुकसान: क्या यह आपके लिए सही है?

असम में माचा चाय का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू। लेकिन क्या यह सेहत के लिए हमेशा सुरक्षित है? जानें माचा चाय के नुकसान, कैफीन का असर और किसे इसे पीने से बचना चाहिए।

भारत में चाय एक इमोशन है और इसके दीवाने इसे चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर पाते हैं. ये सालों से दिन की शुरुआत और शाम के समय का हिस्सा रही है. इसका स्वाद इतना शानदार होता है कि लोगों को इसकी लत तक लग जाती है. वैसे भारत में अब चाय को पीने का ट्रेंड बदल रहा है. आज लोग जापानी चाय माचा को भी खूब पसंद कर रहे हैं. इसी वजह से असम माचा का कमर्शियल प्रोडक्शन करने वाला पहला राज्य बन गया है. राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिसवा सरमा ने खुद इसकी घोषणा की है.

ये जापानी कल्चर वाली हरे रंग के पाउडर वाली चाय है, जिस बॉडी के लिए हेल्दी माना जाता है. पर क्या आप जानते हैं कि ये सेहत के लिए किस तरह खतरनाक साबित हो सकती है. एक्सपर्ट ने बताया.

माचा चाय के नुकसान

डॉक्टर ऋचा शर्मा (कंसल्टेंट डायटेटिक्स, कैलाश दीपक हॉस्पिटल) माचा को लोग हेल्दी मानते हैं, लेकिन ये हर किसी को सूट करे, ऐसा जरूरी नहीं है. माचा में हम सिर्फ चाय का पानी नहीं पीते, पूरी चाय की पत्ती का पाउडर लेते हैं. इसलिए इसमें कैफीन और बाकी चीजें भी थोड़ी ज्यादा होती हैं. अगर चाय या कॉफी पीने से आपको घबराहट होती है, हाथ कांपते हैं, बेचैनी रहती है, एसिडिटी हो जाती है, दिल तेज़ धड़कने लगता है या रात में नींद नहीं आती, तो माचा शायद आपके लिए सही नहीं है.

इसमें नॉर्मल ग्रीन टी से ज्यादा कैफीन हो सकता है, इसलिए कुछ लोगों को इसका असर जल्दी और ज्यादा महसूस होता है. ऐसे में माचा न पिएं, या बहुत कम मात्रा में लें. अगर पीना है, तो सुबह या दोपहर तक ही लें.

नींद न आने वाले

जिन लोगों को नींद की दिक्कत रहती है, उन्हें भी माचा थोड़ा संभलकर लेना चाहिए. इसमें एलानिन होता है, जो मन को शांत रखने और फोकस करने में मदद कर सकता है. लेकिन कैफीन भी होता है, इसलिए अगर शाम को पिएंगे या आपको कैफीन जल्दी सूट नहीं करता, तो नींद खराब हो सकती है.

अगर आयरन कम है या एनीमिया है, तो माचा खाने के साथ मत पिएं. इसमें कैटेचिन होते हैं, जो अच्छे एंटीऑक्सीडेंट्स हैं, लेकिन ये खाने से मिलने वाले आयरन को शरीर में ठीक से जाने नहीं देते. माचा में नॉर्मल ग्रीन टी से करीब 137 गुना ज्यादा कैटेचिन हो सकते हैं. इसलिए अगर आयरन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो माचा खाने के साथ न लें.

प्रेगनेंसी में रखें ध्यान

अगर आप प्रेग्नेंट हैं, ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं, दिल की धड़कन की कोई दिक्कत है या कोई रेगुलर दवा चल रही है, तो रोज माचा पीना शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें. माचा हेल्दी रूटीन का हिस्सा हो सकता है, बस तभी जब वो आपके शरीर को सूट करे.

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