मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी समेत कई जिलों में डूबने से हादसा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
बिहार में शारदीय नवरात्रि पर जलबोझी के दौरान बड़ा हादसा हो गया। नदियों और तालाबों में डूबने से 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे कई जिलों में शोक व्याप्त है।
बिहार में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के आगमन पर जहां एक ओर कलश स्थापना की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। राज्य के विभिन्न जिलों में नदियों और तालाबों से कलश स्थापना हेतु जल लाने (जलबोझी) गए कुल 16 लोगों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। सबसे ज्यादा मौतें उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी जिलों में दर्ज की गई हैं, जहां तीन-तीन लोगों की जान चली गई। इसके अलावा समस्तीपुर, शिवहर, भोजपुर, सारण, बेगूसराय, नवादा और रोहतास से भी एक-एक व्यक्ति की मौत की दुखद खबर सामने आई है।
⚠️ नदियों में बढ़ा हुआ जलस्तर और तेज बहाव बना हादसों का कारण: गहराई का अंदाजा न लगने से डूबे लोग
इन सभी भयावह दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हाल के दिनों में राज्य की नदियों में बढ़ा हुआ जलस्तर और पानी का तेज बहाव बताया जा रहा है। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति के चलते घाटों पर पानी का स्तर बहुत अधिक था। जलबोझी के लिए गए श्रद्धालु घाटों पर गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं लगा पाए, जिसके कारण वे अचानक गहरे पानी में चले गए। जो लोग सुबह पूजा-अर्चना के उत्साह के साथ अपने घरों से निकले थे, उनके पार्थिव शरीर लौटने से परिजनों में कोहराम मच गया।
🚩 त्योहारों के दौरान घाटों पर सतर्कता बरतने की सख्त जरूरत: प्रशासन और आम जनमानस को रखनी होगी सावधानी
नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में लोग कलश स्थापना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए नदियों व तालाबों के घाटों पर एकत्र होते हैं। ऐसे संवेदनशील मौकों पर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जिन्हें तैरना नहीं आता या जो छोटे बच्चे हैं, उन्हें गहरे पानी में उतरने से पूरी तरह रोकना चाहिए। धार्मिक परंपराओं का पालन करते समय सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज न करने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।