मुजफ्फरपुर में बसेगी ‘नई तिरहुत टाउनशिप’; 20,200 एकड़ में 68 गांव शामिल
बिहार सरकार बसाएगी मुजफ्फरपुर में 'नई तिरहुत टाउनशिप'। 20,200 एकड़ में फैलेगी आधुनिक सिटी, जमीन की रजिस्ट्री पर जून 2027 तक रोक। जानें कौन से गांव हुए शामिल।
बिहार सरकार ने राज्य में 11 नए सैटेलाइट ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना के तहत के पास ‘नई तिरहुत टाउनशिप’ बसाने का फैसला लिया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने टाउनशिप की सीमा और क्षेत्र निर्धारित करते हुए इसका संकल्प जारी कर दिया है. मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित नई तिरहुत टाउनशिप में कोर एरिया स्पेशल एरिया और जोन एरिया होगा. कोर एरिया का क्षेत्रफल 800 एकड़ होगा.
इस प्रस्तावित टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल लगभग 20,200 एकड़ होगा. टाउनशिप में कुल 68 गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें कुढ़नी और मड़वन प्रखंड के आठ गांव कोर एरिया में रखे गए हैं. सरकार ने टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जो 30 जून 2027 तक लागू रहेगी. इस फैसले के बाद संबंधित गांवों के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि कई जगहों पर जमीन के सौदे पहले ही तय हो चुके थे और अग्रिम राशि भी दी जा चुकी थी.
55 प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रावधान
टाउनशिप योजना के तहत जमीन मालिकों (रैयतों) को उनकी जमीन के बदले विकसित क्षेत्र में हिस्सेदारी दी जाएगी. सरकार की ओर से लगभग 55 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रावधान है, जिससे भविष्य में रैयतों को नियमित आय का स्रोत मिल सकेगा.
नई तिरहुत टाउनशिप में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा. इसमें बड़े पार्क, खेल मैदान, कमर्शियल हब, औद्योगिक क्षेत्र, चौड़ी सड़कें और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी.
विशेष लाभ मिलने की भी उम्मीद
टाउनशिप की भौगोलिक सीमा उत्तर में पानापुर, दक्षिण में दुबियाही और तुर्की, पूर्व में नया बाईपास तथा पश्चिम में मड़वन तक फैली होगी. यह टाउनशिप से करीब 10 किलोमीटर और से महज 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी. एयरपोर्ट के विकास के साथ इस टाउनशिप को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि अगले वर्ष तक यहां 19-सीटर विमानों का परिचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है.
टाउनशिप में शामिल प्रमुख प्रखंडों में कांटी, मड़वन, कुढ़नी और मुशहरी शामिल हैं. कोर एरिया में कुढ़नी का मोथा (चक हारून) और मड़वन के कई गांवों को शामिल किया गया है, जबकि स्पेशल एरिया में इन प्रखंडों के अन्य गांवों को जोड़ा गया है. सरकार का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
स्पेशल एरिया जोन में शामिल गांव
स्पेशल एरिया में जिन गांवों को शामिल किया गया उनमें कांटी का रोशनपुर, काबिलपुर, शामपुर भोज, मुबारकपुर, हरपुर गणेश, सुरतपुर, शेरुकाही बंगरा और पानापुर हवेली, मड़वन के मड़वन खुर्द, गोनारा उर्फ गाजीपुर बिशुनपुर गोविंद, भटौना, खलीलपुर, मधुबन भोज, हरिपुर, रामपुर, रायपुर, बथनाराम गोपालपुर, चिकनौता उर्फ हरपुर लाहौरी सलाहपुर, कोदरिया, निजामुद्दीन, पकाही खास, बगाही व मिठनपुरा गांव शामिल है
इसके अलावा स्पेशल एरिया में कुढ़नी प्रखंड का गौरैया, खड़ौना डीह दरिया छपरा, कफेन दरिया छपरा, सुमेरा,तारसन, सकरी सरैया, भवानपुर गांव के नाम शामिल हैं. मुशहरी के पताही उर्फ पताही रूप, मधुबनी, चौसीमा, मादापुर चौबे, धर्मपुर, खबरा ऊर्फ किरतपुर, डुमरी उर्फ दामोदरपुर, परमानंदपुर ,पकड़ी इस्माइल गांव भी इसमें शामिल हैं.