यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों को न्योता देती ढलान, सीढ़ियां न बनने से भड़के किसान
खुर्जा कट पर सीढ़ियों के निर्माण और टोल राहत की मांग को लेकर किसानों ने महापंचायत की। 24 अगस्त को तहसील घेराव का ऐलान।
यमुना एक्सप्रेस-वे के खुर्जा कट पर आम यात्रियों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए सीढ़ियां बनवाने की मांग को लेकर शनिवार को किसानों ने विशाल महापंचायत की।
किसानों का कहना है कि लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काटने और लगातार आश्वासनों के बावजूद अब तक सीढ़ियों का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज किसानों ने 24 अगस्त को खुर्जा तहसील का घेराव करने और उग्र प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
⚠️ खतरनाक ढलान से उतरने को मजबूर यात्री: फिसलकर गंभीर हादसों की बनी रहती है आशंका
समस्या और जमीनी हालात:
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रोजाना सैकड़ों यात्री: यमुना एक्सप्रेसवे के खुर्जा कट से रोजाना क्षेत्र के सैकड़ों किसान, ग्रामीण और सामान्य परिवार सार्वजनिक परिवहन (बसों) से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ते व उतरते हैं।
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सीढ़ियों का अभाव: कट पर सीढ़ियां न होने के कारण यात्रियों को बस से उतरने के बाद काफी खतरनाक ढलान का सहारा लेकर नीचे आना पड़ता है।
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हादसे का खतरा: ढलान से उतरते समय पैर फिसलने के कारण लोग चोटिल हो रहे हैं, जिससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
⏳ झाड़ियां साफ करके भूला प्रशासन: वादों के बावजूद अटका निर्माण कार्य
किसान नेताओं का आरोप और पिछला घटनाक्रम:
“भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन सिंह चौरोली ने बताया कि कुछ समय पहले किसानों ने तिरंगा यात्रा निकालकर खुर्जा कट पर सीढ़ियां बनवाने और स्थानीय पहचान पत्र के आधार पर क्षेत्रीय लोगों का टोल फ्री करने की मांग उठाई थी। तब अधिकारियों ने जेसीबी भेजकर झाड़ियां साफ कराई थीं और जल्द काम शुरू करने का भरोसा दिया था। लेकिन इसके बाद काम को अधर में छोड़ दिया गया।”
📢 24 अगस्त को होगा तहसील का घेराव: मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत का निर्णय और रणनीति:
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ज्ञापन सौंपने का प्लान: 24 अगस्त को किसान एकजुट होकर तहसील परिसर का घेराव करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र सौंपेंगे।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी: महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि ज्ञापन के बाद भी सीढ़ियों का निर्माण कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
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किसानों की उपस्थिति: महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।