यूपी में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की रणनीति, समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले की काट खोजेगी बीजेपी
उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी ने 712 सदस्यों की नई कार्यसमिति घोषित कर दी है। 30-31 अक्टूबर को लखनऊ में अमित शाह और सीएम योगी की मौजूदगी में बैठक होगी।
उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को पूरी तरह चुनावी मोड में लाना शुरू कर दिया है। पार्टी ने 712 सदस्यों की अब तक की सबसे भारी-भरकम प्रदेश कार्यसमिति की सूची जारी कर दी है, जिसमें 548 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। अब सभी की निगाहें आगामी 30 और 31 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर टिकी हैं, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मिशन-2027 की निर्णायक रणनीति पर गहन मंथन किया जाएगा।
🎯 सोशल इंजीनियरिंग और PDA की काट पर रहेगा जोर: अमित शाह और दिग्गजों के सामने होगी यूपी संगठन की बड़ी परीक्षा
जारी सूची के स्थायी आमंत्रित सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी के सामने संगठन की ताकत को चुनावी नतीजों में तब्दील करने की बड़ी चुनौती है। समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ फॉर्मूले की काट खोजने के लिए भाजपा इस बैठक में पिछड़े, दलितों, युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने का खाका तैयार करेगी। 29 अक्टूबर को होने वाली पदाधिकारियों की बैठक के बाद यह साफ हो जाएगा कि पार्टी आगामी चुनावी वैतरणी पार करने के लिए किन सामाजिक समीकरणों पर दांव खेलने वाली है।