रेलवे की परीक्षा पास कर चुका इंजीनियर शिवम यादव दौड़ने के दौरान गिरा, दिल दहला देने वाली घटना
मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान बरेली के बीटेक इंजीनियर शिवम यादव की मौत। परिवार में छाया मातम।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान बरेली के शिवम यादव की मौत से परिवार में मातम है. शिवम का परिवार पढ़ा-लिखा है. वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका था और निजी कंपनी में नौकरी भी कर रहा था, लेकिन घर के करीब सरकारी नौकरी करने का सपना उसे भर्ती की तैयारी की ओर ले गया. इसी कोशिश में उसकी जान चली गई.
घर के करीब सरकारी नौकरी करने का सपना देख रहे बरेली के शिवम यादव की मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान मौत हो गई. शिवम पढ़ाई में होनहार था और उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे निजी कंपनी में नौकरी भी मिल गई थी, लेकिन उसका लक्ष्य सरकारी नौकरी हासिल करना था. इसी तैयारी के दौरान भर्ती की दौड़ में उसकी जान चली गई. बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है.
बरेली के बंशी नगला निवासी शिवम यादव के पिता एडवोकेट विनोद यादव ने बताया कि बेटे ने पढ़ाई में हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया. शिवम ने 2014 में हाईस्कूल की परीक्षा करीब 85 फीसदी अंकों से पास की थी. इसके बाद इंटर की परीक्षा में भी उसने करीब 90 फीसदी अंक हासिल किए. वर्ष 2019 में उसने राजश्री कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था.
पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवम का प्लेसमेंट सितारगंज की एक निजी कंपनी में हुआ था. वहां उसे करीब 20 हजार रुपये महीने की नौकरी मिली थी. परिवार को उम्मीद थी कि वह निजी नौकरी में आगे बढ़कर अपना भविष्य बनाएगा. लेकिन शिवम का सपना घर के पास सरकारी नौकरी पाने का था. उसने करीब एक महीने बाद ही निजी नौकरी छोड़ दी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी.
रेलवे की परीक्षा भी पास की, अंतिम रिजल्ट का था इंतजार
शिवम के पिता विनोद यादव ने बताया कि बेटे ने सरकारी नौकरी की तैयारी में मेहनत जारी रखी. उसने रेलवे में लोको पायलट की परीक्षा भी पास कर ली थी और अंतिम परिणाम का इंतजार था. परिवार उसे बार-बार समझाता था कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद निजी क्षेत्र में भी उसके पास अच्छा भविष्य बनाने का मौका है, लेकिन शिवम सरकारी नौकरी हासिल करने के लक्ष्य पर कायम रहा विनोद यादव बरेली बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि परिवार में पढ़ाई को हमेशा महत्व दिया गया. बच्चों की पढ़ाई के लिए परिवार ने काफी मेहनत की. शिवम की मां ममता यादव ने भी बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षामित्र की नौकरी छोड़ दी थी.
शिवम की पत्नी कोमल भी पढ़ी-लिखी हैं और उन्होंने बीकॉम किया है. शिवम की करीब तीन साल की बेटी भी है. बेटे की मौत के बाद मां ममता यादव की हालत बेहद खराब है. परिवार में हर तरफ शोक का माहौल है.
दादा की भी सरकारी नौकरी के प्रशिक्षण के दौरान हुई थी मौत
शिवम के परिवार की त्रासदी यहीं खत्म नहीं होती. उसके दादा राजेंद्र सिंह ने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था और उनकी नौकरी रेलवे में लगी थी. विनोद यादव के मुताबिक, टूंडला में प्रशिक्षण के दौरान उनके पिता एक पुल से गिर गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी.यानी परिवार ने पहले भी सरकारी नौकरी के दौरान अपने सदस्य को खोया था. इसके बावजूद शिवम ने सरकारी नौकरी पाने का सपना नहीं छोड़ा. परिवार के लिए बेटे की मौत इस वजह से और भी ज्यादा पीड़ादायक है.
शिवम के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे को कई बार समझाया था कि वह इंजीनियरिंग कर चुका है और निजी क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकता है, लेकिन शिवम घर के करीब रहकर सरकारी नौकरी करना चाहता था. इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह भर्ती की तैयारी कर रहा था. शिवम ने रेस के 11 राउंड कर लिए थे , 12वें में गश खाकर गिरा और उसकी मौत हो गई.
कोच ने युवाओं को दी सावधानी बरतने की सलाह
एथलेटिक्स कोच और डीएसओ अनीता नागर ने कहा कि भर्ती की दौड़ के लिए अभ्यर्थियों को अचानक तैयारी शुरू नहीं करनी चाहिए. उनके मुताबिक, परीक्षा से काफी पहले अभ्यास शुरू करना चाहिए और धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी तरह की दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने घटना को दुखद बताया.
शिवम की मौत ने परिवार के सामने कई सवाल छोड़ दिए हैं. एक पढ़ा-लिखा युवक, जिसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, निजी नौकरी हासिल की और रेलवे की परीक्षा भी पास की, सरकारी नौकरी के अपने सपने को पूरा करने की कोशिश में जिंदगी हार गया. अब उसके पीछे पत्नी, छोटी बेटी, माता-पिता और पूरा परिवार रह गया है.