लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर शुरू हुआ रिपेयरिंग का काम, बिना बारिश के कैसे धंस गई सड़क?
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दो महीने के भीतर दूसरी बार मरम्मत का काम शुरू हो गया है। बिना बारिश के भी सड़क में धंसाव और दरारें आने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के चर्चित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की निर्माण गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थिति यह है कि एक्सप्रेसवे को महज दो महीने के भीतर दूसरी बार मरम्मत कार्य का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के कई हिस्सों में अचानक धंसाव और बड़ी दरारें दिखाई देने के बाद निर्माण कंपनी ‘PNC’ ने आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। मौके पर भारी मशीनों के साथ मजदूर क्षतिग्रस्त हिस्सों को सुधारने में जुटे हुए हैं।
🔍 पॉइंट 65.5 और 56.8 पर धंसी सड़क, बिना बारिश के नुकसान से बढ़ी चिंता
सबसे ज्यादा चिंताजनक पहलू यह है कि पिछले 12 दिनों से क्षेत्र में कोई बारिश नहीं हुई है, इसके बावजूद एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों में सड़क का धंसना कई बड़े सवाल पैदा करता है। कानपुर से लखनऊ की ओर आने वाले मार्ग पर पॉइंट 65.5 के पास करीब 200 मीटर के हिस्से में सड़क बुरी तरह धंस गई है और दरारें साफ नजर आ रही हैं। इसके अलावा पॉइंट 56.8 पर भी सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला है, जहाँ ताजा कंक्रीट ढलाई और मिट्टी बिठाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
⚖️ बार बार रिपेयरिंग से खड़े हो रहे निर्माण मानकों पर गंभीर सवाल
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर विभिन्न स्थानों पर इस प्रकार बार-बार मरम्मत की नौबत आने से यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं। हालांकि निर्माण कंपनी द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्सों को तुरंत दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बिना किसी प्राकृतिक आपदा या बारिश के एक्सप्रेसवे का इस तरह से बैठना तकनीकी कमियों की ओर इशारा करता है।