ललितपुर मर्डर: पैर न दबाने पर दोस्तों ने युवक को पीट-पीटकर मारा, 3 गिरफ्तार

ललितपुर में शराब पार्टी के दौरान मामूली विवाद में युवक की बेरहमी से हत्या। आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने 6 घंटे में सुलझाया केस।

उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शराब पार्टी के दौरान मामूली बात पर हुए विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. ललितपुर कोतवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज 6 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को धर दबोचा है. पुलिस जांच के मुताबिक, मृतक राजकुमार उर्फ छन्नू को उसके साथियों ने शराब पार्टी के लिए बुलाया था. चारों लोग सुबह से ही एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे.

इसी बीच आरोपियों ने राजकुमार से अपने पैर दबाने (मालिश करने) को कहा. राजकुमार ने जब इससे साफ इंकार कर दिया, तो उनके बीच बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि शराब के नशे में धुत आरोपियों ने बेल्ट और लोहे की भारी रॉड से राजकुमार पर हमला कर दिया. इस बर्बर पिटाई के कारण राजकुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

एक्सीडेंट का रूप देने के लिए सड़क किनारे फेंका शव

अपराध को छिपाने के लिए आरोपियों ने खौफनाक साजिश रची. उन्होंने राजकुमार के शव को घर से उठाकर नई बस्ती में गुरुनानक धर्मशाला के पास सड़क किनारे फेंक दिया, ताकि यह पूरा मामला एक सड़क दुर्घटना (हिट एंड रन) जैसा लगे. हालांकि, पुलिस को शव की स्थिति देखकर शक हुआ. फॉरेंसिक टीम, सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया.

गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सम्यक राजनायक उर्फ राही जैन (38), गजेन्द्र नरवरिया उर्फ गजेन्द्र सिंह राजपूत (37) और गौरव रैकवार (25) शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सम्यक और गजेंद्र शातिर किस्म के अपराधी हैं. इनके खिलाफ पहले से ही गैंगस्टर एक्ट, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या (बीएनएस धारा 103(1)) और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.