वृंदावन बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन के नियम बदले: अब कटानी होगी पर्ची, एग्जिट गेट-4 पर नया काउंटर शुरू
वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए नया पर्ची सिस्टम शुरू किया गया है। गेट-4 पर काउंटर बनाया गया है और अलग कर्मचारियों की तैनाती हुई है।
उत्तर प्रदेश के पावन धाम वृंदावन स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में अहम बदलाव किए गए हैं। मंदिर में अब वीआईपी दर्शन को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘पर्ची सिस्टम’ की शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत अब वीआईपी दर्शन या प्रोटोकॉल के लिए मंदिर में पर्ची कटानी अनिवार्य होगी। मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए एग्जिट गेट संख्या-4 पर वीआईपी दर्शन की पर्ची काटने हेतु एक नया काउंटर स्थापित किया गया है।
📋 श्री बांके बिहारी हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी का निर्देश; सेवायत गोस्वामियों के यजमानों के लिए त्वरित पंजीकरण
नियमों और दायरे में विस्तार की जानकारी:
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दारे का विस्तार: मंदिर में वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन का दायरा बढ़ा दिया गया है। यह बदलाव श्री बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है।
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त्वरित पंजीकरण: अब सेवायत गोस्वामियों के यजमानों और विशिष्टजनों का तुरंत पंजीकरण किया जाएगा और पर्ची काटी जाएगी। इसके बाद ही श्रद्धालुओं को वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत मंदिर के गर्भगृह व निर्धारित मार्ग से प्रवेश मिल सकेगा।
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पुलिस के लिए नियम: ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी विशिष्ट जनों को दर्शन कराने से पहले रजिस्ट्रेशन करवाएंगे और पर्ची प्राप्त करने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ा सकेंगे।
👥 रजिस्ट्रेशन के लिए तैनात किए गए दो अलग-अलग कर्मचारी
कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली:
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वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन हेतु रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दो अलग-अलग कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
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पहला कर्मचारी: यह कर्मचारी उन लोगों का पंजीकरण कर पर्ची बनाएगा, जिन्हें पुलिसकर्मियों द्वारा लाया जाएगा।
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दूसरा कर्मचारी: यह कर्मचारी सेवायत गोस्वामियों की ओर से लाए जाने वाले उनके यजमानों का रजिस्ट्रेशन करेगा और तुरंत पर्ची बनाकर देगा।
⏰ श्री बांके बिहारी मंदिर के दर्शन का समय (शीतकालीन सारणी)
सर्दियों के मौसम के अनुसार मंदिर के कपाट खुलने और बंद होने का समय इस प्रकार है:
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प्रातःकालीन दर्शन: सर्दी के मौसम में सुबह के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट सुबह 8:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक खुलते हैं।
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संध्याकालीन दर्शन: शाम के दर्शन के लिए शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक मंदिर के कपाट खुले रहते हैं।
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विशेष नोट: दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच दोपहर के समय मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहते हैं।