संघी का बास निवासी पूनम की मौत से हंगामा, नवजात बच्ची सुरक्षित, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
रेवाड़ी के महाराजा अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टर ने साइलेंट अटैक की बात कही है।
हरियाणा के रेवाड़ी शहर से एक सनसनीखेज और दुखद मामला सामने आया है। शहर के महाराजा अस्पताल में रविवार सुबह डिलीवरी के दौरान एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि नवजात बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। महिला की अचानक हुई मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की गंभीर लापरवाही के कारण महिला की जान गई है, जबकि दूसरी ओर संबंधित डॉक्टर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
🩺 परिजनों का गंभीर आरोप: ‘ऑपरेशन के दौरान कटी गलत नस, नहीं रुक पाई ब्लीडिंग’
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के मोहल्ला संघी का बास निवासी पूनम की रविवार सुबह महाराजा अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन (सर्जरी) के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से कोई गलत नस कट गई, जिसके कारण पूनम की ब्लीडिंग (खून बहना) नहीं रुक पाई। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित उपचार और सही संभाल न मिलने के कारण पूनम की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर रोष प्रकट किया।
⚖️ डॉक्टर ने दी सफाई: ‘महिला को आया था साइलेंट अटैक’, मौत की असली वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट
दूसरी ओर, इस पूरे मामले में महाराजा अस्पताल की डॉक्टर दीप्ति ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के आरोपों से साफ इनकार किया है। उनका तर्क है कि प्रसूता को अचानक ‘साइलेंट अटैक’ आया था, जिसके कारण उसकी स्थिति गंभीर हुई। फिलहाल, महिला की मौत के कारणों को लेकर परिजनों के दावे और डॉक्टर की दलीलें बिल्कुल अलग हैं। अस्पताल में मचे हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी, जिसके आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।