सप्लाई चेन रेजिलिएंस विषय पर अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण, 25 जनवरी 2027 से शुरू होगा कार्यक्रम

केंद्र सरकार की योजना के तहत हरियाणा के आईएएस अधिकारियों को जापान और सिंगापुर में ट्रेनिंग का मिलेगा मौका। 25 अक्टूबर तक करें आवेदन।

चंडीगढ़ : केंद्र सरकार की विशेष प्रशिक्षण योजना के तहत हरियाणा के आईएएस अधिकारियों को जापान और सिंगापुर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग की ओर से ‘सप्लाई चेन रेजिलिएंस’ विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 25 जनवरी 2027 से किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए पूरे देश से केवल दो अधिकारियों का चयन किया जाना है।

हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय के प्रशिक्षण विभाग ने 14 सितंबर 2026 को राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को पत्र जारी कर पात्र अधिकारियों से आवेदन मांगे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं से निपटने, आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में अधिकारियों की क्षमता बढ़ाना है।

जापान-सिंगापुर पार्टनरशिप और जेआईसीए उठाएंगे खर्च
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित अधिकारियों के आने-जाने का इकोनॉमी क्लास हवाई किराया, आवास, स्थानीय परिवहन, मेडिकल इंश्योरेंस सहित अन्य आवश्यक खर्च जापान-सिंगापुर पार्टनरशिप प्रोग्राम और जेआईसीए की ओर से वहन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को 130 सिंगापुर डॉलर प्रतिदिन का दैनिक भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।कार्यक्रम में सिंगापुर और जापान के विशेषज्ञ अधिकारियों को वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देंगे। प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी, ग्रुप डिस्कशन और साइट विजिट जैसी गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

पांच वर्ष की सेवा और 58 वर्ष से कम उम्र जरूरी
इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अधिकारी के लिए कुछ निर्धारित पात्रता शर्तें रखी गई हैं। अधिकारी की सरकारी सेवा में कम से कम पांच वर्ष पूरे होना आवश्यक है। आवेदन की अंतिम तिथि तक अधिकारी की आयु 58 वर्ष से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही आवेदन के लिए संबंधित विभाग की सिफारिश और विजिलेंस क्लीयरेंस भी जरूरी होगा। चूंकि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पूरे भारत से केवल दो अधिकारियों का चयन होना है, इसलिए चयन प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने की संभावना है।

ऑनलाइन आवेदन के साथ दस्तावेज भी जमा कराने होंगे
पात्र अधिकारियों को निर्धारित वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी प्रिंटेड कॉपी, डीईए प्रोफॉर्मा और चेकलिस्ट सहित आवश्यक दस्तावेज उचित माध्यम से भेजने होंगे। निर्धारित दस्तावेज 18 अक्टूबर 2026 से पहले वित्त मंत्रालय के उप सचिव विजय शंकर उपाध्याय, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली के कार्यालय में पहुंचने जरूरी हैं।

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने पर जोर
प्रशिक्षण का प्रमुख फोकस वैश्विक सप्लाई चेन में अचानक उत्पन्न होने वाली रुकावटों और उनके आर्थिक प्रभावों से निपटने की रणनीति विकसित करना है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में किसी देश की आर्थिक सुरक्षा काफी हद तक मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन पर निर्भर करती है।

प्रशिक्षण में अधिकारियों को आपूर्ति श्रृंखला में संभावित जोखिमों की पहचान, संकट के समय वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने, डिजिटल तकनीक के उपयोग और विभिन्न देशों के बीच सहयोग जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। जापान और सिंगापुर के विशेषज्ञ अपने अनुभवों और केस स्टडी के जरिए अधिकारियों को व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराएंगे। केंद्र सरकार का यह कार्यक्रम मिड से सीनियर स्तर के अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती सप्लाई चेन चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हरियाणा से पात्र आईएएस अधिकारियों के आवेदन के बाद केंद्र सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतिम चयन किया जाएगा।

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