सर्राफा बाजार समाचार: 10 ग्राम सोने का भाव घटकर ₹1.23 लाख तक आने की संभावना, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
सोने की कीमतों में भारी गिरावट। नोमुरा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में $3,500 प्रति औंस तक गिर सकता है सोना, भारत में ₹15,290 तक घटने का अनुमान।
सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों और सर्राफा बाजार के निवेशकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2026 की शुरुआत में सोना जबरदस्त तेजी दिखाते हुए $5,500 प्रति औंस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर के पार पहुंच गया था, लेकिन अब बाजार का रुख पूरी तरह बदल चुका है। अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोना फिसलकर $4,000 प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया है। इस साल अब तक सोने की दरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है, और बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अभी थमने वाली नहीं है।
💸 ₹15,000 प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो सकता है सोना; ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का बड़ा अनुमान
नोमुरा का रिसर्च नोट और भारतीय बाजार पर असर:
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नोमुरा का अनुमान: प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने अपने ताजा रिसर्च नोट में सोने को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। नोमुरा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव गिरकर $3,500 प्रति औंस के स्तर तक आ सकता है।
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मौजूदा स्थिति: फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $3,947 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, यानी यहां से भी कीमतों में करीब 11 फीसदी की और गिरावट आ सकती है।
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भारतीय बाजार पर प्रभाव: भारतीय बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो इस समय देश में 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.39 लाख के आसपास है। यदि नोमुरा के आकलन के अनुसार इसमें 11% की गिरावट आती है, तो भारत में सोना लगभग ₹15,290 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो जाएगा। इस बड़ी कटौती के बाद देश में 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर ₹1.23 लाख के स्तर पर आ सकती है।
📊 लगातार मुनाफावसूली से बाजार पर बढ़ा भारी दबाव; ओवरसोल्ड जोन में पहुंचीं कीमतें
गिरावट के मुख्य कारण:
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निवेशकों द्वारा बिकवाली: एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, बाजार में उच्च स्तरों पर निवेशकों की ओर से लगातार मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल रही है। इसी भारी बिकवाली के कारण सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
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नई खरीदारी की जरूरत: लगातार बिकवाली के चलते कीमतें अब ओवरसोल्ड जोन (Oversold Zone) के काफी करीब पहुंच गई हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने में किसी भी टिकाऊ रिकवरी के लिए बाजार में नई फ्रेश खरीदारी का आना और ग्लोबल सेंटीमेंट्स का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
🗳️ अमेरिकी चुनाव के नतीजे और ग्लोबल आर्थिक आंकड़े तय करेंगे सोने की आगे की चाल
तकनीकी स्तर और आने वाले ट्रिगर्स:
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अहम आंकड़े: इस हफ्ते दुनिया भर के वित्तीय बाजारों की नजर अमेरिका से जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी रहेगी। अमेरिकी बेरोजगारी के आंकड़े और नॉन-फार्म पेरोल डेटा (Non-Farm Payroll Data) से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की भावी मौद्रिक नीतियों (Interest Rates) के साफ संकेत मिलेंगे।
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अहम रेजिस्टेंस लेवल: टेक्निकल नजरिए से देखें तो भारतीय बाजार में ₹1,42,000 का स्तर सोने के लिए एक बहुत मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक सोना इस स्तर के ऊपर टिककर मजबूती से कारोबार नहीं करता, तब तक शार्ट-टर्म में बड़ी तेजी की उम्मीद कम ही है।
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अमेरिकी चुनाव और जियोपॉलिटिक्स: कोटक नियो की एवीपी कायनात चेनवाला का कहना है कि अमेरिकी चुनाव के नतीजे भी सोने की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। चुनाव परिणामों से अमेरिका की आगामी एनर्जी पॉलिसी और ईरान व मध्य पूर्व को लेकर वाशिंगटन के भावी रुख के संकेत मिलेंगे, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में बुलियन मार्केट (Bullion Market) पर दिखाई देगा।