सीएम योगी का विपक्ष पर प्रहार: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में रोड़ा अटका रही कांग्रेस
लखनऊ में सीएम योगी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरा। कहा- महिला आरक्षण बिल के खिलाफ साजिश रच रहा विपक्ष। 2029 से लागू होगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम।
सीएम योगी ने लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस ने संसद में गलत आचरण दिखाया. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का कांग्रेस ने विरोध किया. महिला आरक्षण पर विपक्ष की सोच बहुत ही तुच्छ है. सीएम योगी ने कहा कि इस बिल के खिलाफ विपक्ष ने साजिश रची है. जो भी पाप के भागीदार, जनता उसके खिलाफ है. परिसीमन को लेकर विपक्ष ने भ्रम फैलाया. सीएम योगी ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी से पूछना चाहता हूं कि महिला आरक्षण से जुड़ा हुआ मुद्दा जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में पारित हो रहा था, जिसमें पुरुषों का हक नहीं मारा जा रहा था.
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए एक बहुत ही प्रोग्रेसिव सोच के साथ ये कदम उठाया गया था. आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां थे जब कांग्रेस की सरकार में शाहबानो मामले में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से उन्हें वंचित रखने का प्रयास किया गया. याद करिए ये NDA गठबंधन है, जहां पीएम मोदी की सरकार ने कांग्रेस के इस पाप का परिमार्चन करने का काम किया था. सीएम योगी ने कहा कि ट्रिपल तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून को लेकर कांग्रेस ने उस समय भी विरोध किया था.
सीएम योगी ने कहा कि आधी आबादी का आक्रोश देश में दिख रहा है. गठबंधन किस हद तक जा कर षड्यंत्र करता है ये दिख रहा है. सीएम योगी ने कहा कि ये बाबा साहेब की दुहाई देते हैं लेकिन उनके दिखाए रास्ते पर नहीं चलते. सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को देश में सबसे ज्यादा समय तक शासन करने का मौका मिला लेकिन महिला, गरीब, किसान के लिए कभी कोई अच्छी सोच को ये आगे नहीं बढ़ा पाए.
‘पीएम ने 4 जातियों के बारे में बताया था’
देश की संसद में जो कृत्य इंडिया गठबंधन और उनका जो आचरण रहा है उस पर केंद्रित यह प्रेस कांफ्रेंस है. सीएम योगी ने कहा कि हम सब इस बात को जानते हैं कि प्रधानमंत्री ने 2014 में देश की सत्ता जब अपने हाथों में ली थी,तब उन्होंने एक बात स्पष्ट कही थी कि, इस देश मे सिर्फ 4 ही जातियां हैं, नारी, गरीब, युवा, किसान है. भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर जिन लोगों ने अपने परिवार का भरण पोषण कर उनके लिए देश को लूटा है, स्वाभाविक रूप से यह उनके लिए यह एक चुनौती थी और चेतावनी भी थी. ये प्रेस वार्ता विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम की दृष्टि से क्या हुआ है और पब्लिक रिएक्शन क्या है,इसके बारे में आहूत की गई है.
सीएम योगी ने कहा कि आधी आबादी का आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी,आरजेडी, टीएमसी,डीएमके,अन्य उन दलों पर है जो इस पाप में भागीदार थे. उन्होंने कहा जिसमे साफ दिख रहा कि ये कैसे प्रधानमंत्री के द्वारा उठाये जाने वाले देशहित,समाजहित के कदमों को बैरियर के रूप में इंडिया गठबंधन किस हद तक जाकर षड्यंत्र करता है.
2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था. जब महिला व सामाजिक संगठनों ने इसकी मांग की. ये अधिनियम 2034 की बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री ने सभी पक्षों से विचार विमर्श करने के उपरांत, केंद्रीय सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में जरूरी संशोधन लेकर आई. इसके लिए संसद का विशेष अधिवेशन भी हुआ. कुछ राज्यों ने यह मांग भी उठाई थी कि,ऐसा न हो इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाये.
‘दक्षिण राज्यों में भी अनुपात बढ़ेगा’
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक 2023 में पारित करते समय तय किया था कि किसी का हक नहीं छीना जाएगा, इसके लिए 33 फीसदी आरक्षण के लिए अतिरिक्त सीट लोकसभा व विधानसभा में बढ़ाये जाएंगे. सीएम योगी ने कहा कि जब इधर यह बात चर्चा में आई कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि, हमारा हक कम होगा, तो प्रधानमंत्री ने इस बात के लिए और गृह मंत्री ने भी इस बात के लिए आश्वस्त किया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे अन्य राज्यों में, उत्तर के राज्यों में, पूरब के राज्यों में बढ़ेंगे, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी वह अनुपात उसी अनुपात में यह बढ़ेगा.
सीएम योगी ने साफ किया कि हक किसी का कम नहीं होना है, केवल एक ही इच्छा है कि सारा सदन मिलकर के भारत की नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रतीक नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित करके 2029 में उनका अधिकार दे दे, लेकिन जो दृश्य वास्तव में सदन के अंदर इंडी गठबंधन का रहा है, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके का रहा है..