सोनीपत: अस्पताल में प्रसव के बाद मां और नवजात की मौत, जांच शुरू
सोनीपत नागरिक अस्पताल में प्रसव के बाद सविता और उसके नवजात बेटे की मौत। परिवार में मचा कोहराम, पुलिस कर रही अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की जांच।
सोनीपत: स्वास्थ्य विभाग के मातृ सुरक्षा पखवाड़े के बीच नागरिक अस्पताल में प्रसव के बाद महिला और नवजात = की मौत का मामला सामने आया है। बिहार के मुंगेर निवासी व जटवाड़ा में रह रहे दिहाड़ी मजदूर विकास कुमार की 32 वर्षीय पत्नी सविता कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल – लाया गया था। देर रात उन्होंने बेटे – को जन्म दिया, लेकिन नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई – रोहतक रेफर कर दिया गया।
देर रात दिया था बेटे को जन्म, बिगड़ती गई हालत
मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले और वर्तमान में जटवाड़ा में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले विकास कुमार ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी सविता कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। देर रात सविता ने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, जन्म के कुछ ही समय बाद नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत पीजीआई (PGI) रोहतक के लिए रेफर कर दिया।
एक तरफ जहां नवजात को रोहतक ले जाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन सविता कुमारी की हालत भी बिगड़ती चली गई। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों और उपचार के बावजूद सविता को बचाया नहीं जा सका और उन्होंने दम तोड़ दिया। इस सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही घंटों बाद पीजीआई रोहतक में जिंदगी की जंग लड़ रहे नवजात शिशु ने भी दम तोड़ दिया।
उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, तीन बेटियों के सिर से उठा मां का साया
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया है। मृतका सविता अपने पीछे तीन छोटी बेटियां छोड़ गई हैं। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले पिता विकास कुमार पर अब इन तीन मासूम बच्चियों की परवरिश और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अकेले आ गई है। मां और भाई को खो चुकी बच्चियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मां और नवजात दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है कि क्या इस घटना के पीछे अस्पताल प्रशासन या डॉक्टरों की कोई लापरवाही थी।