हरियाणा के शहरों को स्वच्छ और आधुनिक बनाने में जुटे मंत्री विपुल गोयल, जानें पूरा एक्शन प्लान

हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने शहरों को स्वच्छ और आधुनिक बनाने के लिए सफाई अभियान, अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर सख्ती बढ़ाई है।

चंडीगढ़ :  हरियाणा के शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं की कार्यप्रणाली केवल कागजी योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसका असर सीधे जनता को दिखाई देगा।

सफाई व्यवस्था में सुधार, अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान, भ्रष्टाचार पर सख्ती, कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे कई फैसलों ने निकाय विभाग की कार्यशैली में नया बदलाव लाना शुरू कर दिया है। विपुल गोयल का जोर इस बात पर है कि शहर केवल विकास परियोजनाओं से नहीं, बल्कि बेहतर प्रशासन, समयबद्ध कार्य और नागरिक सुविधाओं के प्रभावी संचालन से आगे बढ़ते हैं। यही कारण है कि वे लगातार समीक्षा बैठकों के साथ-साथ फील्ड विजिट कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

स्वच्छता को बनाया सर्वोच्च प्राथमिकता
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की सबसे बड़ी चुनौती सफाई व्यवस्था रही है। इसे सुधारने के लिए प्रदेशभर में वार्ड स्तर पर विशेष सफाई अभियान शुरू किए गए हैं। नगर निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमित सफाई के साथ कचरा उठान, सड़कों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

फरीदाबाद में सफाई निरीक्षकों को इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराना इसी सोच का हिस्सा है। इससे अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों का तेजी से निरीक्षण कर सकेंगे और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित होगी। विभाग का उद्देश्य केवल सफाई कराना नहीं, बल्कि उसकी नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित करना भी है।

अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान
शहरों की बड़ी समस्या अवैध कब्जे और अतिक्रमण हैं, जिनके कारण यातायात बाधित होता है और जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित होती है। विपुल गोयल ने मुख्य मार्गों, फिरनी की सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। निकाय अधिकारियों को कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल औपचारिकता न बने, बल्कि नियमित अभियान के रूप में संचालित हो ताकि नागरिकों को बेहतर सड़कें, सुचारु यातायात और जलभराव से राहत मिल सके।

भ्रष्टाचार पर सख्ती और जवाबदेही तय
विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए विपुल गोयल ने प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। फरीदाबाद नगर निगम सहित विभिन्न निकायों में पिछले वर्षों के कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की पहल इसी दिशा का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही विकास कार्यों में लापरवाही, शिकायतों के निस्तारण में देरी और प्रशासनिक ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने और आवश्यकतानुसार निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। इससे विभागीय कर्मचारियों में जवाबदेही का संदेश गया है।

कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाने पर जोर
स्वच्छ शहरों की कल्पना केवल सड़क सफाई से पूरी नहीं हो सकती। इसलिए विभाग ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, यमुनानगर और अंबाला जैसे शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी तथा आधुनिक कचरा प्रबंधन परियोजनाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। उद्देश्य यह है कि कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण हो, लैंडफिल पर निर्भरता घटे और कचरे से ऊर्जा तथा जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाया जा सके।

जलभराव और सीवरेज समस्या का स्थायी समाधान
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या हर वर्ष लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। इसे देखते हुए विभाग ने सीवर लाइनों के सर्वे, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और पुराने सीवरेज सिस्टम के सुधार पर विशेष ध्यान दिया है। विपुल गोयल स्वयं इन परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं ताकि अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान विकसित किए जा सकें। उनका मानना है कि बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था से न केवल जलभराव रुकेगा बल्कि सड़कें भी लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।

हरित और स्मार्ट शहरों की दिशा में पहल
शहरीकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की दिशा में भी विभाग कई पहल कर रहा है। फरीदाबाद में विकसित ‘इको वन’ जैसी परियोजनाएं शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने की सोच को आगे बढ़ाती हैं। इसके साथ आधुनिक शहरी ढांचे, बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यावरण अनुकूल विकास मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में हरियाणा के शहर अधिक रहने योग्य बन सकें।

विकास परियोजनाओं की सतत निगरानी
विभाग की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। फरीदाबाद नगर निगम के नए प्रशासनिक मुख्यालय सहित कई निर्माण परियोजनाओं का स्वयं निरीक्षण कर समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह संदेश गया है कि सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

शहरों को नई दिशा देने की कोशिश
शहरी स्थानीय निकाय विभाग में पिछले कुछ महीनों के दौरान लिए गए फैसलों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार प्रशासनिक सुधारों को केवल नीतिगत स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहती। सफाई व्यवस्था, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने, आधुनिक कचरा प्रबंधन, जलभराव के स्थायी समाधान और विकास कार्यों की नियमित निगरानी जैसे कदम निकाय प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

यदि ये अभियान इसी गति से आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में हरियाणा के शहर न केवल अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देंगे, बल्कि नागरिक सुविधाओं के मामले में भी नई पहचान बना सकेंगे। विपुल गोयल की कार्यशैली इस दिशा में एक सक्रिय और परिणामोन्मुख प्रशासनिक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

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