हरियाणा में डीजल-पेट्रोल की अवैध ढुलाई पर रोक; सीमावर्ती जिलों में कड़ा पहरा
हरियाणा सरकार ने डीजल-पेट्रोल की अवैध तस्करी रोकने के लिए जारी किए सख्त निर्देश। सीमावर्ती जिलों में 24 घंटे चेक पोस्ट और पेट्रोल पंपों का होगा ऑडिट। जानें पूरी खबर।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में डीजल (एचएसडी) और पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) की असामान्य रूप से बढ़ी बिक्री तथा दूसरे राज्यों में ईंधन की कथित अवैध ढुलाई को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी उपायुक्तों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को विशेष निर्देश जारी कर पेट्रोल पंपों की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने, अवैध टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई करने और सीमा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।
सरकार को मिली रिपोर्टों में कई जिलों में खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़े पैमाने पर डीजल-पेट्रोल की खरीदारी के मामले सामने आए हैं। जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान और परिवहन संचालक तेल कंपनियों से सीधे ईंधन लेने के बजाय पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में खरीद कर रहे हैं। इसे आपूर्ति व्यवस्था और राजस्व के लिए चिंता का विषय माना गया है।
निर्देशों के अनुसार बिना वैध बिल, डिलीवरी चालान और सुरक्षा प्रमाणपत्र के ईंधन ले जाने वाले टैंकरों की सघन जांच होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर टैंकर जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेट्रोल पंपों की दैनिक बिक्री का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा और असामान्य वृद्धि वाले पंपों का ऑडिट कराया जाएगा। यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल, नूंह, सिरसा, फतेहाबाद और अंबाला सहित सीमा जिलों में 24 घंटे चेक पोस्ट स्थापित करने तथा उड़नदस्ते गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और कर विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है तथा लोगों को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है। सभी जिलों को प्रतिदिन शाम पांच बजे तक कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।