‘हरियाणा में न पर्ची चलेगी न खर्ची’, सीएम नायब सैनी ने ग्रुप-डी कर्मचारियों को दिए नियुक्ति पत्र
पंचकूला में नव-चयनित ग्रुप-डी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए CM नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा में बिना पर्ची-खर्ची केवल मेरिट पर नौकरियां मिल रही हैं।
पंचकूला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ग्रुप-डी के नव-चयनित कर्मचारियों के लिए आयोजित परिचयात्मक कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की बधाई व शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में वर्षों से चली आ रही भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं. इसका परिणाम यह है कि युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची उनकी मेहनत, योग्यता व प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में न पर्ची चलेगी, न खर्ची चलेगी, केवल मेरिट के आधार पर ही भर्ती होगी.
42,500 युवाओं को सरकारी नौकरियां: मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान संकल्प पत्र में प्रदेश के 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में 42,500 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं. वर्तमान सरकार के साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 2 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं.
चयनित 3586 युवाओं को बधाई: मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रुप-डी के नव-चयनित 6 कर्मचारियों को प्रतीक स्वरूप नियुक्ति पत्र प्रदान किए. उन्होंने कहा कि ये नियुक्ति-पत्र चयनित युवाओं की मेहनत का सम्मान और माता-पिता की तपस्या का परिणाम और ईमानदार व्यवस्था में उनके विश्वास की जीत है. उन्होंने सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले सभी 3 हजार 586 युवाओं को बधाई दी.
मेहनत, योग्यता और प्रतिभा से भविष्य तय: मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक समय था, जब हरियाणा में सरकारी नौकरी का नाम आते ही सामान्य परिवार चिंता में पड़ जाता था. नौकरियों पर कुछ परिवारों, कुछ क्षेत्रों और सत्ता से जुड़े कुछ लोगों का कथित अधिकार समझ लिया गया था. योग्यता पीछे रह जाती थी और पर्ची, खर्ची, परिवारवाद व क्षेत्रवाद का बोलबाला था. उस व्यवस्था ने केवल युवाओं से उनके अवसर नहीं छीने, बल्कि उनके माता-पिता का भरोसा तोड़ा और हरियाणा की प्रतिभा का अपमान किया. लेकिन भाजपा ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि अब हरियाणा के किसी भी नौजवान का भविष्य किसी नेता की जेब में रखी पर्ची तय नहीं करेगी, बल्कि उसका भविष्य मेहनत, योग्यता और उसकी प्रतिभा तय करेगी. आज सरकारी नौकरियां केवल एक क्षेत्र तक सीमीत नहीं है, प्रदेश के हर क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के समान अवसर मिल रहे हैं. नतीजतन युवाओं का भरोसा सरकार पर और अधिक बढ़ा है.”
ग्रुप-डी नहीं, गुड गवर्नेंस की डिलीवरी टीम: मुख्यमंत्री ने नवचयनित कर्मचारियों से कहा कि “वह ग्रुप डी के कर्मचारी नहीं, बल्कि गुड गवर्नेंस की डिलीवरी टीम हैं. सरकारी कर्मचारी होना आजीविका के साथ लोकसेवा का दायित्व भी है. इस कारण वे कोई भी निर्णय लेते समय सबसे गरीब और कमजोर व्यक्ति के बारे में सोचें कि उनके फैसले से उसके जीवन में क्या परिवर्तन आएगा. यह विचार केवल बड़े नीति-निर्माताओं के लिए नहीं अपितु प्रत्येक सरकारी कर्मचारी के लिए मार्गदर्शक मंत्र है.”
विपक्ष पर सीएम नायब सैनी का निशाना: मुख्यमंत्री ने विपक्षी पाटिर्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि पूर्व की सरकारों में कैसे ठेकेदारों के हाथों युवाओं का शोषण होता था. लेकिन भाजपा ने युवाओं को शोषण से बचाने के लिए कानून बनाकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया है.
विदेशों में भेजे जा रहे युवा: मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को विदेशों में शिक्षा व रोजगार दिलाने के लिए विदेश सहयोग विभाग बनाया गया है, जिसके माध्यम से हरियाणा के 210 युवाओं को दुबई भेजा गया है. 390 युवाओं को दो चरणों में ईजराइल भेजा जा चुका है. इसी प्रकार युवाओं को जापान, ओमान, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में भेजने की प्रक्रिया चल रही है. कहा कि युवाओं को डंकी रूट से बचाने और अवैध एजेंटों का खेल खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाया है.