हरियाणा में बिजली का संकट: 2026 में टूटेगा मांग का रिकॉर्ड, सरकार खरीदेगी अतिरिक्त बिजली
हरियाणा में 2026-27 के पीक सीजन में बिजली की मांग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। एचईआरसी (HERC) ने शॉर्ट टर्म बिजली खरीद को दी मंजूरी।
चंडीगढ़: हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) के अनुसार 2026-27 में गर्मी के पीक सीजन में राज्य की अधिकतम बिजली मांग 16,454 मेगा सकती है जो सबसे उच्चतम स्तर होगा। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने भी 16,337 मेगा वॉट तक मांग पहुंचने का अनुमान जताया है। इस संकट को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने जून से अगस्त के लिए 687 मेगा वॉट 24 घंटे शॉर्ट टर्म बिजली खरीद को मंजूरी दे दी है। इससे पहले एक मई से 30 मई तक 6.10 रुपये प्रति यूनिट के दर से 1,345 मेगा वॉट बिजली खरीद का प्रस्ताव था।
इसे संशोधित कर सीमित अवधि के लिए स्वीकृत किया है। साथ ही केंद्र सरकार ने गुजरात के मुंद्रा स्थित कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड (सीजीपीएल) से 380 मेगा वॉट और केंद्रीय बिजली स्टेशनों से 337 मेगा वॉट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। अनुमानित बिजली आपूर्ति के अनुसार मई में 988 मेगा वॉट, जून में 2,532 मेगा वॉट और जुलाई में 2,605 मेगा वॉट की कमी आ सकती है। अगस्त में मांग में 1,428 और सितंबर में 296 मेगा वॉट तक कमी हो जाएगी।
हरियाणा में कुल बिजली उत्पादन क्षमता 16,604.71 मेगा वॉट है जबकि 2025 में गर्मी के पीक सीजन में (मई से जुलाई) अधिकतम 15,300 मेगा वॉट की मांग पहुंची थी। इस बार मांग 16,454 मेगा वॉट तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।