हरियाणा में भ्रष्टाचार पर एक्शन: करनाल और सोनीपत के 6 अधिकारी निलंबित
हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन! प्रोजेक्ट्स में घटिया निर्माण मिलने पर करनाल और सोनीपत के 6 अधिकारी सस्पेंड। CM नायब सैनी ने QAA ऑडिट रिपोर्ट के बाद दिए सख्त आदेश।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने पर विकास एवं पंचायत विभाग के करनाल के दो एक्सईएन व एक जेई और पीडब्ल्यूडी (भवन एवं निर्माण) के सोनीपत के एसडीओ व दो जेई को निलंबित किया है।
इन पर यह कार्रवाई गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (क्यूएए) की तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर की गई। कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की एक परियोजना में खामियां पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार से रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़ में आयोजित क्यूएए की समीक्षा बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी ने तकनीकी ऑडिट के निष्कर्षों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण व रखरखाव के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि उनकी टीमों ने भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य और विद्युत क्षेत्रों की 64 परियोजनाओं का तकनीकी ऑडिट किया। ऑडिट के दायरे में लोक निर्माण विभाग की 18, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पांच, सिंचाई विभाग की चार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 14, एचएसआईआईडीसी की तीन, एचएसवीपी की तीन, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की सात व अन्य की परियोजनाएं शामिल रहीं।
ऑडिट को औपचारिकता न समझें ठेकेदारों से नुकसान की भरपाई हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी ऑडिट केवल जांच की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुधार का प्रभावी माध्यम है। निर्देश दिए कि कमियों को गंभीरता से लिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों व एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। बोले-जहां आवश्यक हो वहां दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और ठेकेदारों से नुकसान की भरपाई भी कराई जाए। स्पष्ट किया कि सलाहकार कि सलाहकार केवल तकनीकी सहायता देंगे जबकि परियोजनाओं के डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।