हरियाणा में ‘वॉर्म नाइट’ का पहला अलर्ट: रात में भी चैन नहीं, जानें कब मिलेगी राहत

हरियाणा में भीषण गर्मी का प्रकोप! मौसम विभाग ने जारी किया 'गर्म रात' का यलो अलर्ट। 26 अप्रैल से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी।

चंडीगढ़: हरियाणा में इस बार गर्मी ने नया रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दिन के समय चल रही लू के साथ अब रातें भी लोगों को राहत देने के बजाय बेचैन कर रही हैं. मौसम विभाग ने पहली बार “वॉर्म नाइट” यानी गर्म रात का यलो अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री ज्यादा बना हुआ है, जिससे शरीर को ठंडक नहीं मिल पा रही. इससे हीट स्ट्रेस और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है.

इन जिलों में ज्यादा असर: दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में इसका प्रभाव अधिक देखा जा रहा है. नारनौल, रेवाड़ी, पलवल, नूंह, चरखी दादरी और रोहतक में रात का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. वहीं सिरसा, फतेहाबाद और हिसार को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश में लू का अलर्ट जारी किया गया है. लोगों को दिन और रात दोनों समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड: प्रदेश में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है. फरीदाबाद में 42.9°C के साथ सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया, जबकि भिवानी और नारनौल में भी पारा 42°C के पार पहुंच गया. गुरुग्राम और सिरसा में तापमान 41°C के आसपास रहा. औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से 1.8°C अधिक दर्ज किया गया है और अगले 3-4 दिनों में इसमें 3-4°C की और बढ़ोतरी संभव है.

रातें भी बनी चुनौती: रात के तापमान में मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन यह सामान्य के आसपास या उससे अधिक बना हुआ है. करनाल में न्यूनतम तापमान 18°C रहा, जबकि रोहतक, गुरुग्राम और नारनौल में यह 23°C से 26°C के बीच दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में रातें और अधिक गर्म हो सकती हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी.

26 अप्रैल से बदलेगा मौसम: मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक लू का प्रभाव जारी रहेगा. इसके बाद 26 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.

किसानों के लिए खास सलाह: बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम को देखते हुए किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. गेहूं की फसल में यलो रस्ट और दीमक पर नजर रखने को कहा गया है. एफिड नियंत्रण के लिए नीम आधारित दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है. वहीं सरसों की कटाई कुछ दिन रोकने और कपास व मूंग की बुवाई फिलहाल टालने को कहा गया है. फलदार पौधों, खासकर साइट्रस में सिंचाई और रोग नियंत्रण बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

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