हिमाचल में मौसम का कोहराम: 6 मई तक येलो अलर्ट जारी, भारी ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश में मई की शुरुआत बारिश और बर्फबारी के साथ हुई है। मौसम विभाग ने 6 मई तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है। शिमला में 3 इंच तक ओले गिरे हैं, जिससे सेब और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

मई महीने की शुरुआत होते ही हिमाचल में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. कहीं बारिश, कहीं तेज धूप तो कहीं बर्फबारी. इस बीच कुछ जिलों में ओलावृष्टि ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया. मौसम विभाग के अनुसार, महीने की शुरुआत में मौसम की लुका-छिपी ऐसे ही देखने को मिल सकती है. संभावनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने 6 मई तक प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है.

हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि ने गुरुवार को कहर ढाया. तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग ने हिमाचल के कई जिलों में 6 मई तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है. अप्रैल के जाते-जाते हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों में हुई बारिश और बर्फबारी से राज्य का तापमान सामान्य से 4 डिग्री से अधिक नीचे गिर गया है. जबकि राज्य के ऊंचाई वाले जिलों में ये तापमान 9 डिग्री से अधिक नीचे गिरा है.

सुहाना हुआ मौसम

गिरते तापमान से मौसम अधिक ठंडा और सुहाना हो गया है. मौसम विभाग ने बताया कि इस साल हिमाचल में अप्रैल के महीने में होने वाली बारिश औसत से अधिक दर्ज की गई है. बिलासपुर जिले में 198 फीसदी, सोलन में 171, शिमला में 72, सिरमौर में 86, कांगड़ा में 58, हमीरपुर में 87, मंडी में 72 और ऊना जिले में सामान्य से 71 फीसदी अधिक बारिश हुई है. बाकी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है.

बारिश-ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

जानकारी के मुताबिक, शिमला में ओलावृष्टि के बाद 3 इंच मोटी बर्फ की परत देखने को मिली. ऊंचाई वाले जिलों में ओलावृष्टि से सेब, फूलगोभी और मटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं मैदानी क्षेत्रों में गेहूं और अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है. तेज बारिश और बर्फबारी से राज्य में कई जगहों पर सड़कें फिसलन भरी हो गईं और कुछ जगहों पर धंस गईं, जिससे जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

गर्मी से मिली राहत

शुक्रवार और शनिवार को हल्की हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने के आसार हैं. 3 मई को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के मजबूत होने से शिमला, कुल्लू, कांगड़ा समेत कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान को येलो अलर्ट जारी किया है. 4 मई को भी कई क्षेत्रों मे बारिश होने की संभावना है, जिससे राज्य में तापमान गिरने के साथ-साथ ठंड बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से देश के कई राज्यों में हुई बे-मौसम बरसात से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने बताया कि इस बदलाव से लगभग दो हफ्ते तक देशभर में गर्मी का असर कम रहने की उम्मीद है.

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