19 साल पुराने अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म केस में ऐतिहासिक फैसला, दो दोषियों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 19 साल पुराने अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष अदालत ने दो दोषियों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से 19 साल पुराने एक अत्यंत चर्चित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्याय की बड़ी गूंज सुनाई दी है। विशेष एससी/एसटी (SC/ST) कोर्ट ने साल 2007 में 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ तमंचे के बल पर हुई दरिंदगी के इस मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश अंजना की अदालत ने दो मुख्य आरोपियों शमशीर उर्फ जफर और अतीकुर्रहमान को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर कुल 1.36 लाख रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विंक्शन’ के तहत की गई मजबूत पैरवी और 12 प्रमुख गवाहों की गवाही के आधार पर आया है।
🔍 तमंचे की नोक पर नैनीताल ले जाकर दिया था वारदात को अंजाम: पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिली सजा
यह पूरा मामला मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र का है, जहां 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय दलित छात्रा को सहेली के बुलाने पर आरोपियों ने तमंचे के बल पर अगवा कर लिया था। आरोपी उसे नैनीताल ले गए और एक बंद कमरे में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। कटघर पुलिस ने 16 नवंबर 2007 को एफआईआर दर्ज कर छात्रा को मुक्त कराया था। डिप्टी एसपी देवेंद्र भूषण और विशेष लोक अभियोजक आनंदपाल सिंह की टीम ने कोर्ट में पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषियों को जेल भेज दिया है।