27 सितंबर को होगी साइना नेहवाल की मैराथन, नशे और साइबर ठगी के खिलाफ उठेगी आवाज
27 सितंबर को साइना नेहवाल के साथ होगी SK ट्राईसिटी मैराथन। नशे और साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता पर रहेगा जोर।
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में 27 सितंबर को होने वाली SK ट्राईसिटी मैराथन इस बार केवल फिटनेस और खेल तक सीमित नहीं रहेगी. मैराथन के जरिए नशे से दूर रहने और साइबर ठगी से सतर्क रहने का संदेश भी दिया जाएगा. चंडीगढ़ क्लब से शुरू होने वाली इस दौड़ में ओलंपियन और पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल भी शामिल होंगी.
राज्यपाल करेंगे फ्लैग ऑफ: पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मैराथन को फ्लैग ऑफ करेंगे. चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी और SSP कंवरदीप कौर भी आयोजन में मौजूद रहेंगी. संस्कृति युवा संस्था और IIEMR की ओर से SK Finance के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में ट्राईसिटी के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभागियों के पहुंचने की उम्मीद है.
तीन श्रेणियों में होगी दौड़: आयोजकों के अनुसार मैराथन में 3 किलोमीटर फन रन, 10 किलोमीटर रन और 21.097 किलोमीटर हाफ मैराथन की श्रेणियां रखी गई हैं. इसका उद्देश्य बच्चों, युवाओं और अन्य आयु वर्ग के लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार दौड़ से जोड़ना है. चंडीगढ़ के अलावा पंचकूला और मोहाली से भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की तैयारी है.
नशे के खिलाफ दौड़ेगा शहर: मैराथन को नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान से भी जोड़ा गया है. आयोजन में चंडीगढ़ पुलिस की SSP कंवरदीप कौर की मौजूदगी युवाओं तक नशे से दूर रहने का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आयोजकों का कहना है कि खेल और फिटनेस युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं.
साइना देंगी खेल और फिटनेस का संदेश: वहीं, साइना नेहवाल की भागीदारी से मैराथन को युवाओं से जोड़ने की कोशिश की गई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी साइना खेल और फिटनेस के क्षेत्र में जानी जाती हैं. आयोजकों के अनुसार उनके साथ दौड़ने से प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली और खेल के प्रति प्रेरित करने का संदेश मिलेगा.
“रन फॉर सेफ डिजिटल भारत” का संदेश: इस बार मैराथन का दूसरा प्रमुख फोकस साइबर अपराध है. आयोजकों ने इसे “रन फॉर सेफ डिजिटल भारत” संदेश से जोड़ा है. प्रतिभागियों और आम लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल पेमेंट फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया जाएगा.
फिटनेस के साथ साइबर जागरूकता: आयोजकों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर ठगी से सावधानी जरूरी हो गई है. मैराथन को इसी कारण सामाजिक जागरूकता का मंच बनाया जा रहा है. कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और किसी संदिग्ध लिंक या ऑनलाइन गतिविधि में सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाएगा.
नशे की सूचना अब एक कॉल पर: इसी बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को मजबूत करते हुए एंटी-ड्रग हेल्पलाइन शुरू की है. बुधवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हेल्पलाइन लॉन्च की. अब लोग अपने आसपास नशे की बिक्री, तस्करी या इससे जुड़ी गतिविधियों की सूचना सीधे हेल्पलाइन पर दे सकेंगे.
शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गुप्त: चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस बारे में बताया कि, “हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखने का भरोसा दिया गया है. इसका उद्देश्य लोगों को बिना झिझक नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना है. प्रशासन का फोकस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास की मदद दिलाने पर भी है.”
ये हैं एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर: चंडीगढ़ के प्रशासक ने कहा कि, “नशे से संबंधित सूचना देने के लिए 8283040100 और 0172-2677037 नंबर जारी किए गए हैं. इसके अलावा नशे की समस्या से जुड़ी सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 पर भी संपर्क किया जा सकता है. हेल्पलाइन शिकायत और सहायता के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का माध्यम बनेगी.
“नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या किसी एक सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. परिवार, युवा, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर ही इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपट सकते हैं. मेरी युवाओं और समाज से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील है.”
NSS कैडेट्स को भी बनाया जा रहा नशा मुक्त मित्र: प्रशासन की ओर से NSS कैडेट्स को नशा मुक्त मित्र बनकर स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता फैलाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है. इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें अभियान का हिस्सा बनाना है. प्रशासन स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दे रहा है.
क्लबों के समय पर भी लगाम की तैयारी: चंडीगढ़ प्रशासक ने कहा कि, “चंडीगढ़ के क्लबों के लिए भी जल्द नियम बनाए जाएंगे. क्लब्स में देर रात तक म्यूजिक नहीं चलाया जाएगा और क्लब्स को रात 1 बजे तक की परमिशन दी जाएगी. क्लबों के बाहर होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है. प्रशासन का फोकस नशे से जुड़े संभावित जोखिम वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने पर है.”
हेल्पलाइन से इलाज और पुनर्वास का रास्ता: एंटी-ड्रग हेल्पलाइन उन लोगों के लिए भी उपयोगी होगी जो खुद नशे की समस्या से जूझ रहे हैं या परिवार के किसी सदस्य को इससे बाहर निकालना चाहते हैं. प्रशासन के अनुसार जरूरतमंदों को नशामुक्ति उपचार और पुनर्वास सेवाओं तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जाएगा.
76 हजार से ज्यादा OPD कंसल्टेशन: अधिकारियों के अनुसार अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच चंडीगढ़ के नशामुक्ति उपचार केंद्रों में 76,615 OPD परामर्श दर्ज किए गए. इनमें 6,774 नए मरीज और 69,641 फॉलोअप विजिट शामिल रहे. इसी अवधि में 1,131 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया.
पुलिस अभियान भी जारी: नशे के खिलाफ हेल्पलाइन ऐसे समय शुरू की गई है जब चंडीगढ़ पुलिस ने विशेष अभियान तेज किया हुआ है. 11 सितंबर से शुरू अभियान के दौरान पुलिस ने नशे से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने, गिरफ्तारियां करने और नशीले पदार्थ बरामद करने की कार्रवाई की है. संवेदनशील इलाकों में तलाशी और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें भी की जा रही हैं.
एक साथ दो सामाजिक संदेश: SK ट्राईसिटी मैराथन और एंटी-ड्रग हेल्पलाइन को एक साथ देखें तो चंडीगढ़ में फिटनेस और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने की कोशिश नजर आती है. एक तरफ 27 सितंबर को हजारों लोग दौड़ के जरिए नशे से दूर रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश देंगे, वहीं दूसरी ओर हेल्पलाइन के जरिए नशे की सूचना और मदद का रास्ता आसान बनाया गया है.
बता दें कि चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के लोगों की भागीदारी से मैराथन को बड़े जन-जागरूकता अभियान का रूप देने की तैयारी है. साइना नेहवाल की मौजूदगी, पुलिस-प्रशासन की भागीदारी और “रन फॉर सेफ डिजिटल भारत” संदेश के जरिए आयोजन में फिटनेस के साथ नशा विरोधी और साइबर सुरक्षा का संदेश प्रमुखता से सामने आएगा.