IAS दुर्गा शक्ति नागपाल बनीं देवीपाटन की कमिश्नर, जानें रेत माफिया से जंग की कहानी
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल अब देवीपाटन मंडल की कमिश्नर बनीं। जानें 2013 के उस सस्पेंशन और रेत माफिया के खिलाफ जंग का पूरा सच।
यूपी में रविवार रात अचानक योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया. 40 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया गया. 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी बदल दिए गए हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण विभागों के विभागाध्यक्षों और शासन स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन्हीं में से एक हैं चर्चित IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल. वो अब DM लखीमपुर खीरी से प्रमोट होकर देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त बन गई हैं. दुर्गा शक्ति नागपाल पहली बार वर्ष 2013 में सुर्खियों में आई थीं.
तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार में नोएडा में बालू माफिया पर तगड़ी कार्रवाई करने और बाद में एक मस्जिद की दीवार गिराने के चलते उनको सस्पेंड कर दिया गया था. उनके पति अभिषेक सिंह भी IAS अफसर थे. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब वो फिल्मों और वेब सीरीज में एक्टिंग करते हैं.
परिवार की विरासत और बचपन
दुर्गा का जन्म सेवा की परंपरा में हुआ. दादा घनश्याम नागपाल दिल्ली पुलिस के अधिकारी थे, जो 1954 में सदर बाजार में ड्यूटी पर शहीद हो गए. पिता सुभाष नागपाल सरकारी अधिकारी थे, जिन्हें दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड में उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक मिला. अकेली संतान होने के नाते दुर्गा ने बचपन से ही पिता की गरीबों की मदद वाली सोच को अपनाया. उन्होंने एक बार इंटरव्यू कहा- मेरे पिता ने मुझे सिखाया कि ईमानदारी और निडरता ही असली ताकत है.
दूसरे अटेम्प्ट में बनीं IAS
इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजीदिल्ली से कंप्यूटर साइंस में साल 2007 में B.Tech करने के बाद दुर्गा ने UPSC की तैयारी शुरू की. पहली कोशिश में IRS में चयन हो गया, लेकिन IAS का सपना अधूरा लगा. दूसरी कोशिश में 2009 में AIR-20 हासिल कर IAS बन गईं. शुरू में पंजाब कैडर मिला. मोहाली में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने एक लैंड स्कैम उजागर किया.
2012 में IAS अभिषेक सिंह 2011 बैच, UP कैडर से शादी के बाद उन्होंने कैडर ट्रांसफर करा लिया. सितंबर 2012 में SDM, ग्रेटर नोएडा गौतम बुद्ध नगर पोस्टिंग मिली. यहीं से उनकी असली कहानी शुरू हुई.
ऐसे आई थीं सुर्खियों में
रेत माफिया के खिलाफ जंग 2012-13 वो रातें जो इतिहास बन गईं. ग्रेटर नोएडा में SDM बनते ही दुर्गा को यमुना और हिंडन नदी के खादर इलाके में रेत की लूट का पता चला. हर रात 250-350 ट्रक रेत निकाली जा रही थी. सालाना नुकसान सैकड़ों करोड़ का. माफिया इतना ताकतवर था कि किसान चुप रहते थे.धमकी, मारपीट और हत्या तक होती थी.
दुर्गा ने स्पेशल माइनिंग स्क्वॉड बनाया. खुद मिडनाइट रेड रात 2-3 बजे लीड करतीं. 2 हफ्तों में 90+ माइनर्स गिरफ्तार, 297 वाहन जब्त, 300 ट्रॉली रेत कब्जे में, ₹8 करोड़+ जुर्माना वसूला. 60+ FIR दर्ज कीं. उनकी कार रोकी गई, हथियार दिखाए गए, असिस्टेंट अशोक कुमार पर हमला हुआ. लेकिन दुर्गा नहीं रुकीं.
अखिलेश सरकार ने किया सस्पेंड
27 जुलाई 2013 को अखिलेश यादव सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. आधिकारिक वजह कदलपुर गांव में एक अवैध मस्जिद की दीवार गिराने का आदेश जो पब्लिक लैंड पर बिना परमिशन बन रही थी. लेकिन असली वजह रेत माफिया था, जिसके राजनीतिक कनेक्शन थे. DM की रिपोर्ट में साफ था- कोई मस्जिद नहीं थी, गांववालों ने खुद दीवार हटाई थी. इलाके में कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं. फिर भी सस्पेंशन हो गया. दुर्गा ने CM अखिलेश यादव से मुलाकात की, अपना पक्ष रखा. 22 सितंबर 2013 को सस्पेंशन रद्द. कुल 2 महीने बाद बहाली.
DM से कमिश्नर तक का सफर
- 2015: केंद्र में OSD, कृषि मंत्री के पास.
- मार्च 2023: DM, बांदा पहली DM पोस्टिंग.
- 2024: DM, लखीमपुर खीरी.
- अप्रैल 2026: मंडलायुक्त, देवीपाटन मंडल (पदोन्नति के साथ). देवीपाटन मंडल में 4 जिले गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती आते हैं.