हरियाणा रोडवेज में बड़ा सुधार: 1000 नई बसें, 50 इलेक्ट्रिक बसें और पैनिक बटन की सुविधा

हरियाणा सरकार का परिवहन धमाका! रोडवेज के बेड़े में जुड़ेंगी 1000 नई बसें और 50 इलेक्ट्रिक बसें। 15 अगस्त तक लॉन्च होगा सिटीजन मोबाइल ऐप। जानें सड़कों और बाईपास का पूरा प्लान।

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में जहां विकास को रफ्तार दी जा रही है। नई योजनाओं के जरिए प्रदेश की तस्वीर को संवारा जा रहा है तो आधारभूत संरचना का हिस्सा सड़क परिवहन को लेकर भी सरकार की ओर से निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं और पिछले कुछ समय से रोडवेज में सुधार के साथ इसकी रफ्तार भी तेज होती नजर आ रही है। खास बात यह है कि प्रदेश के सभी 23 जिले नैशनल हाईवे से जुड़े हैं। जहां प्रदेश के शत-प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़े हैं तो प्रदेश में अब परिवहन सुविधाओं का भी लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में सड़क परिवहन को लेकर सरकार की ओर से खास प्रावधान किए गए हैं।

गौरतलब है कि इस वित्तीय वर्ष में चंडीगढ़-दिल्ली एयरपोर्ट-गुरुग्राम और चंडीगढ़ से मुख्य धार्मिक स्थलों जैसे कटरा, सालासर, खाटूश्याम, हरिद्वार, अमृतसर आदि की यात्रा के लिए हरियाणा रोडवेज द्वारा 50 नई इलैक्ट्रिक बसों की खरीद की जाएगी। वर्तमान में 12 शहरों में चल रही इलैक्ट्रिक सिटी बसों के समान शेष जिला मुख्यालयों में भी यह सेवा शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए 1000 नई बसों की खरीद की जाएगी। वर्तमान में केवल महिला यात्रियों व छात्राओं के लिए समर्पित 273 बसों की संख्या को बढ़ाकर 500 किया जाएगा। इलैक्ट्रिक वाहनों को और अधिक बढ़ावा देने के लिए दो या चार पहिया इलैक्ट्रिक वाहन व इलैक्ट्रिक ई-रिक्शा के लिए मौजूदा मोटर वाहन कर में दी जा रही मौजूदा 20 प्रतिशत की छूट को भविष्य में और बढ़ाया जाएगा।

140 करोड़ से नूंह, अंबाला, फरीदाबाद व गुरुग्राम में बनेंगे चालक प्रशिक्षण केंद्रः नूंह, फरीदाबाद, अंबाला व गुरुग्राम में 140 करोड़ रुपए की लागत से चालक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थानों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा। प्रत्येक जिले में एक स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। रोहतक में चल रहे परीक्षण और प्रमाणन केंद्र को स्वचालित परीक्षण केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा। सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों में वाहन स्थान और ट्रैकिंग उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें महिलाओं की सुरक्षा हेतु पैनिक बटन की सुविधा उपलब्ध होगी जिसकी निगरानी केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से की जाएगी। बसों की आवाजाही और उपलब्धता की जानकारी हेतु एक निःशुल्क सिटीजन मोबाइल एप इस साल 15 अगस्त तक शुरू कर दिया जाएगा।

इस वित्त वर्ष में 5 हजार लंबी किलोमीटर सड़कों का होगा सुधारीकरणः चालू वित्त वर्ष में 5000 किलोमीटर लम्बी सड़कों का सुधारीकरण किया जाएगा। गुरुग्राम-पटौदी रोड के हरसारू बाईपास से वजीरपुर होते हुए झज्जर तक 6-लेन सड़क तथा फर्रुखनगर बाईपास का निर्माण किया जाएगा। झज्जर-चरखी दादरी की चारमार्गीय सड़क को अपग्रेड किया जाएगा। सच्चाखेड़ा, सरसोद, मुकलान और चौधरीवास गांवों के लिए बाईपास का निर्माण किया जाएगा। जलबेरा-शाहबाद के चारमार्गीयकरण का कार्य पूर्ण किया जाएगा। इसके अलावा जीरकपुर व पंचकूला में यातायात के दबाव को कम करने हेतु जीरकपुर बाईपास का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

हरियाणा में वर्ष 2014 तक कुल 51 आर. ओ.बी./आर यू.बी. थे। अक्तूबर 2014 से अभी तक 115 नए आर.ओ.बी. आर.यू.बी. का निर्माण कार्य आरंभ किया गया है, जिनमें से 87 आर.ओ.बी. आर.यू.बी. पूरे हो चुके हैं और शेष 28 पर कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2026-27 में 18 नए आर. ओ.बी. और 12 आर.यू.बी. का निर्माण शुरू किया जाएगा। इनमें रेवाड़ी में एच.एस.वी.पी. के बाईपास व पटौदी रोड पर एक इंटीग्रेटिड आर. ओ.बी., पानीपत में जी.टी. रोड से ढाहर रोड पर एक नया आर.ओ.बी. और गोहाना-महम रोड पर आर.ओ.बी. तथा गोहाना- बड़ौदा रोड के आर. यू.बी. शामिल हैं। इसी प्रकार स्टेट हाईवे-6, कुरुक्षेत्र से लाडवा एवं रादौर होते हुए यमुनानगर तक सड़क के चार मार्गीकरण का प्रस्ताव है।

नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : नायब सैनी

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि सरकार की ओर से लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के मकसद से निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं और सरकार नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इलैक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नए बस अड्डे बनाने के साथ ही रोडवेज के बेड़े में नई व आधुनिक बसें शामिल की जा रही हैं। राज्य की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की एक नई पहल के तहत सरकार 9410 किलोमीटर लंबी 4227 सड़कों की मुरम्मत और उन्नयन के लिए 4827 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हरियाणा में बीते साढ़े 11 वर्षों के दौरान सड़क अवसंरचना में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 43,703 किलोमीटर सड़कों का 28,651 करोड़ रुपए की लागत से सुधार किया गया है जबकि 2417 किलोमीटर नई सड़कें 2534 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई हैं। बीते 11 साढे वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से 97 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास बनाएगए हैं, जबकि 1026 करोड़ रुपए की लागत से 47 का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

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