हरियाणा NCR में प्रदूषण पर वार: 23 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और एग्रीगेटर पॉलिसी
हरियाणा सरकार NCR में वायु प्रदूषण 35% कम करने के लिए लाएगी एग्रीगेटर पॉलिसी। 23 नए CAAQMS स्टेशन होंगे स्थापित और डीजल ऑटो पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध। जानें पूरा प्लान।
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार द्वारा एन.सी.आर. में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए 23 नए सी.ए.ए.क्यू.एम.एस. स्थापित किए जाएंगे। साथ ही राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेर्यारंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर पॉलिसी लाई जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न पहलों की व्यापक समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदूषण में 30-35 प्रतिशत तक कमी लाने के लक्ष्य के साथ बहु-क्षेत्रीय कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने एन.सी.आर. के नगर निगम आयुक्तों तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरणों निर्देश दिए कि वे कम से कम 5 प्रमुख सड़कों की पहचान कर उन्हें मॉडल डस्ट-फ्री सड़कों के रूप में विकसित करें। पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल कहा कि एन.सी.आर. के व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाकर अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
एन.सी.आर. के प्रमुख जिलों में डीजल ऑटो लगभग पूरी तरह बंदः परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर कुंडरू ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सी.ए.क्यू.एम.) के निर्देशों के अनुरूप एन.सी. आर. के प्रमुख जिलों में डीजल ऑटो लगभग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं तथा शेष क्षेत्रों में 31 दिसम्बर, 2026 तक इन्हें चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने नया सफर योजना बारे बताया कि इसके तहत लगभग 1.9 लाख पुराने ट्रकों और 16,000 बसों को हटाकर बी.एस.-6, सी.एन.जी. एवं इलैक्ट्रिक वाहनों को अपनाया जाएगा।
सी.ए.ए.क्यू.एम.एस. की संख्या जुलाई तक बढ़ाकर 52 की जाएगी: जे. गणेशनः हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जे. गणेशन ने बताया कि एन. सी. आर. में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए सी.ए.ए.क्यू.एम.एस. की संख्या जुलाई 2026 तक 29 से बढ़ाकर 52 की जाएगी। बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने बताया कि 889 औद्योगिक इकाइयों को निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (सी.ई.एम.एस.) स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे जिनमें से 871 इकाइयों मे यह प्रणाली स्थापित की जा चुकी है और 735 इकाइयां सक्रिय रूप से डाटा सांझा कर रही हैं। सभी बड़े और मध्यम उद्योगों को जुलाई तक तथा लघु उद्योगों को सितम्बर 2026 तक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं।
पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आई
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक राज नारायण ने बताया कि वर्ष 2016 की तुलना में धान की पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगभग 13,000 सी.आर.एम. मशीनों की कमी की पहचान की गई है, जिसे धान कटाई सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा।