हरियाणा में नई इमारतों में EV चार्जिंग अनिवार्य: रिहायशी और कमर्शियल भवनों के लिए नए नियम
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: नई सोसायटियों और मॉल में EV चार्जिंग पॉइंट लगाना होगा अनिवार्य। बिल्डरों को FAR में मिलेगी छूट। जानें पार्किंग और चार्जिंग के नए नियम।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब नई बनने वाली आवासीय (रिहायशी) और गैर-आवासीय (कॉमर्शियल) दोनों तरह की इमारतों में ईवी चार्जिंग की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।
नए नियमों के अनुसार, कॉमर्शियल इमारतों जैसे मॉल, होटल, आफिस या शॉपिंग कांप्लेक्स में कम से कम दस इलेक्ट्रिक कारों की पार्किंग की जगह और वहां हर तीन पार्किंग स्लॉट पर एक ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाना जरूरी होगा। पूरी इमारत को ऐसे तैयार करना होगा कि भविष्य में हर जगह आसानी से चार्जिंग सुविधा जोड़ी जा सके।
जिन रिहायशी सोसायटियों या अपार्टमेंट्स में 10 या उससे ज्यादा कार की पार्किंग की सुविधा है, वहां हर 5 पार्किंग स्लॉट पर एक ईवी चार्जिंग पॉइंट क्ष लगाना होगा। साथ ही ईवी के लिए तैयार पूर्ण पाइपलाइन अवसंरचना भी उपलब्ध करानी होगी। नगर एवं ग्रामीण योजना विभाग के निदेशक अमित खत्री ने इसके लिए हरियाणा भवन संहिता 2017 में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है जिसे सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इस पर 26 मई तक सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं।
बिल्डर व सोसायटी पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ सरकार ने साफ किया है कि डोईवी चार्जिंग के लिए बनाई गई जगह को बिल्डिंग के कुल निर्माण क्षेत्र (एफएआर) में नहीं जोड़ा जाएगा। यानी बिल्डर और हाउसिंग सोसायटी को ईवी चार्जिंग की सुविधा लगाने के लिए अलग से बिल्डिंग एरिया की लिमिट की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इससे वे बिना किसी बोझ के आसानी से नए नियमों को अपना सकेंगे। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर (नीचे की पार्किंग) में भी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा सकेंगे।