ट्विशा शर्मा केस: किरण बेदी का बड़ा बयान—”मृत बेटी से बेहतर है तलाकशुदा बेटी”
पूर्व IPS किरण बेदी ने ट्विशा शर्मा मामले में आरोपी परिवार और पुलिस की गलतियां गिनाईं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के संयम बरतने के फैसले का समर्थन किया।
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सोमवार को सुनवाई की। सर्वोच्च अदालत ने मीडिया से भी इस मामले को लेकर संयम बरतने की अपील की। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की 3 सदस्यीय बेंच ने कहा कि पीड़िता के परिवार या आरोपियों के परिवार के बयानों पर ज्यादा फोकस नहीं किया जाए। इस केस को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए। इस मामले पर अब पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी का बयान सामने आया है। उन्होंने दो-टूक कहा कि आरोपी के परिवार ने निश्चित तौर पर गलतियां की हैं।
आरोपी परिवार से हुई दो गलतियां
किरण बेदी ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मेरी नजर में आरोपी परिवार से निश्चित तौर पर गलतियां हुईं। पहली गलती तो यह कि घटना के तुरंत बाद ट्विशा का पति भाग गया। यदि कोई गलती नहीं हुई तो सामना करते और कहते कि मैं पुलिस के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी गलती ट्विशा की सास से हुई। उसने बार-बार ऐसे अपमानकारक बयान दिए जिससे पीड़िता के परिवार को दुख पहुंचा।
पीड़ित परिवार के दुखों पर नमक नहीं छिड़कना था
किरण बेदी ने आगे कहा कि आपको पीड़ित परिवार पर नमक नहीं छिड़कना चाहिए। खासकर ऐसे वक्त में जब वह गहरी पीड़ा से गुजर रहे हैं। एक रिटायर जज के तौर पर आपको कहना चाहिए था कि पुलिस जैसे आएगी और जो भी सवाल करेगी। हम उसके हर सवालों का जवाब देंगे। हमने घटना की जगह को सुरक्षित किया है। ये दो गलतियां तो आरोपियों के परिवार से निश्चित तौर पर हुई हैं। तीसरी गलती पुलिस की ओर से भी हुई है।
पुलिस से हुई यह बड़ी गलती
किरण बेदी ने कहा कि कानून कहता है कि जब भी दहेज हत्या का कोई मामला सामने आए तो आपको तुरंत मर्डर का केस दर्ज करना चाहिए। यदि जांच में सुसाइड जैसी बात सामने आए तो आप बाद में घटना को सुसाइड के रूप में बता सकते हैं। जांच के आधार पर कानून की धाराएं जोड़ी और हटाई जा सकती हैं।
ट्विशा शर्मा की भी एक गलती
किरण बेदी ने ट्विशा शर्मा की भी एक गलती बताई। उन्होंने कहा कि ट्विशा ने जब कहा कि मुझे यहां से ले जाओ तो उन्होंने क्या जवाब दिया यह मुझे नहीं मालूम… यह तो जांच में ही सामने आएगा लेकिन ट्विशा ने भी एक गलती की। ट्विशा शर्मा पढ़ी लिखी थी। उसको यह कहने की क्यों जरूरत पड़ी कि मुझको यहां से ले जाओ। तुम खुद चली गई होती। आपको कौन रोकता है? यदि वह यह कहती कि आरोपी परिवार ने उसको बंधक बना लिया है, आओ और मुझे ले जाओ तब तो एक बड़ी बात बनती है। यदि आप बंधक नहीं थी तो खुद भी जा सकती थीं।
सर्वोच्च अदालत ने बिल्कुल सही किया
किरण बेदी ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उसने साफ कहा है कि बच्ची के जाने के बाद अब अपमानकारक बयान नहीं दिए जाने चाहिए। पीड़ित परिवार को भी बयानबाजी से बचने के लिए कहा है। मेरी नजर में सर्वोच्च अदालत ने बिल्कुल सही किया है। मेरा मानना है कि सास गिरिबाला सिंह को अपमानकारक बयान नहीं देने चाहिए थे। वह तो अनुभवी जज हैं। वह यह भी कह सकती थीं कि जब पुलिस या अदालत कोई सवाल करेगी तो उनके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।
मृत बेटी से बेहतर तलाकशुदा बेटी
किरण बेदी ने यह भी कहा कि आज के दौर में माता-पिता के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि ऐसी घटना पर अपनी बच्ची को तुरंत बचाएं क्योंकि तलाकशुदा ही सही मृत बेटी से बेहतर होगा कि बच्ची जीवित आपके पास रहे… अक्सर ऐसे मामलों में माता-पिता कहते हैं कि एडजस्ट करो। कई बार बच्चियां भी कहती हैं कि थोड़ा उसे समय दे दिया जाए। कई बार यह एडजस्टमेंट होती भी है और नहीं भी हो पाती है। ऐसे मामलों में अलर्ट हो जाना चाहिए। मेरी नजर में सुप्रीम कोर्ट ने बिल्कुल सही कहा है कि मृत बेटी से बेहतर, तलाकशुदा बेटी का अपने माता पिता के पास होना है।