नोएडा सेक्टर-150: टाटा और गोदरेज की परियोजनाओं को मिली OC, 1600 फ्लैटों की होगी रजिस्ट्री

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी की टाटा यूरेका और गोदरेज पॉम स्ट्रीट को सशर्त OC जारी किया। 1600 खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ। जानें मुख्य शर्तें।

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी की दो परियोजनाओं को सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी कर दिए। अब इनका निर्माण कार्य और फ्लैटों की रजिस्ट्री के काम हो सकेंगे। इन परियोजनाओं में करीब 1600 फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है। इससे खरीदारों को राहत मिलेगी।

टाटा यूरेका और गोदरेज पॉम स्ट्रीट बिल्डर की यह परियोजनाएं सेक्टर-150 के एससी-2 भूखंड पर हैं। टाटा यूरेका की परियोजना में 430 और गोदरेज की परियोजना में 1160 फ्लैट के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया गया है। करीब दो महीने पहले एक अन्य परियोजना ब्रिकराइज के 458 फ्लैट के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी हो चुका है। हालांकि, इन परियोजनाओं में निर्माण कार्य लगभग पूरे हो गए हैं, सिर्फ रजिस्ट्री बाकी है।

ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट में क्या शर्त

अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं के बिल्डरों ने प्राधिकरण का पूरा बकाया जमा कर दिया है। अब प्राधिकरण इन परियोजनाओं में बिना बिके वाले 20 प्रतिशत फ्लैट को बंधक के रूप में रखेगा। इसके लिए बिल्डर तैयार नहीं हो रहा है। बिल्डर का कहना है कि जब पूरा बकाया राशि दे गई है तो वह फ्लैट बंधक के रूप में नहीं रखेगा। हालांकि, प्राधिकरण की ओर से, जो सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया गया है, उसमें यह शर्त शामिल है।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अब तीन साल में बिल्डर को स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के ब्रोशर के हिसाब से खेल सुविधाओं का निर्माण करना होगा। इसके अलावा लोगों के रहने से जुड़ी तमाम सुविधाएं भी देनी होंगी। ऐसा नहीं करने पर प्राधिकरण जारी किए सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट को निरस्त भी कर सकता है। प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि 20 प्रतिशत फ्लैट बंधक इसलिए रखे जाएंगे ताकि बिल्डर अपने हिस्से की खेल सुविधा तैयार कर सके। खेल सुविधाएं तैयार होते ही फ्लैट को बंधक से मुक्त कर दिया जाएगा। फ्लैटों के बंधक की प्रक्रिया पूरी होते ही दोनों परियोजनाओं में फ्लैटों की रजिस्ट्री हो सकेगी, क्योंकि यहां पहले से ही फ्लैटों में लोग रह रहे हैं।

आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण ने करीब 8 महीने पहले सेक्टर-150 के एससी-2 प्लॉट से सभी तरह की रोक हटा दी थी। इसके बाद संशोधित ले-आउट प्लान को लेकर लोगों से आपत्ति मांगी गईं थीं। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद इस परियोजनाओं को आगे बढ़ाते हुए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रकिया की गई। वहीं, स्पोर्ट्स सिटी के बाकी प्लॉटों पर लगी रोक को भी पिछले महीने 6 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में हटा दिया गया था।

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