क्या वाकई आंतों में चिपक जाता है मोमोज का मैदा? एक्सपर्ट से जानें सच्चाई

क्या मोमोज का मैदा आंतों में चिपकता है? एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा कटियार से जानें इस वायरल दावे की सच्चाई और मोमोज खाने से पाचन व गट हेल्थ पर होने वाले असर के बारे में।

आंत का बिगड़ा स्वास्थ्य न सिर्फ पाचन को बिगाड़ता है बल्कि कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती है. पबमेड की रिपोर्ट कहती है कि आंतों में रहने वाला खराब बैक्टीरिया बिगड़ी हुई गट हेल्थ के अलावा हमें लो इम्यूनिटी और स्लो मेटाबॉलिज्म का शिकार भी बनाता है. मैदा से बनाए जाने वाले मोमोज हमारी गट हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं. लोगों में मिथक है कि स्टीम किए हुए मोमोज हेल्दी होते हैं और ये कैसे हमारी गट हेल्थ पर बुरा असर डाल सकते हैं. मोमोज को लेकर और भी कई गलतफहमियां लोगों में फैली हुई है. कुछ मानते हैं कि खाने के बाद मोमोज का मैदा हमारी आंतों में चिपक जाता है.

ऐसे में आंतों में सूजन आने लगती है और शरीर में खराब पाचन की शिकायत हो जाती है. क्या ऐसा सच में होता है? इस आर्टिकल में एक्सपर्ट के जरिए जानें कि इस लॉजिक के पीछे कितनी सच्चाई है.

मोमोज का भारत में क्रेज

मोमोज को भारत में अब एक स्ट्रीट नहीं माना जाता बल्कि ये एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है. इसे बेचने का कारोबार इतना बढ़ गया है कि भारत की हर गली में मोमोज का स्टॉल लगा हुआ है. दिल्ली से चेन्नई तक यानी हर शहर में इसे खाने वालों की कमी नहीं है. टेस्ट में शानदार होने के साथ इसके सस्ता होने की वजह इसे बाकी स्ट्रीट फूड्स से काफी अलग बनाती है. एक समय था जब मोमोज तिब्बती और नेपाली समुदायों तक सीमित था पर आज भारत के अमूमन हर कोने में ये डिश खाने के लिए मिल जाती है.

भारतीयों ने इसे अपने अंदाज में तैयार करके बेचना और खाना शुरू कर दिया है. तंदूरी, कुरकुरे, अफगानी, शेजवान, चीज और ग्रेवी मोमोज के अलावा और भी कई तरीकों से इस स्ट्रीट फूड को खाया जाता है.

मोमोज का मैदा आंतों में चिपकता है या नहीं

WeClinic Homeopathy की फाउंडर डॉक्टर दीक्षा कटियार से टीवी9 ने इस टॉपिक पर बातचीत की. उनका कहना है कि मोमोज का मैदा आंतों में चिपकता है इसका कोई सांइटिफिक प्रूफ नहीं है. लेकिन मैदा से बनी चीजों को ज्यादा खाने का नुकसान हमारी हेल्थ और डाइजेशन दोनों पर नेगेटिव इंपेक्ट डाल सकता है.

मोमोज खाने के बाद क्या होता है

एक्सपर्ट कहती हैं कि जब हम मौदा या किसी भी फूड आइटम को खाते हैं तो वो डाइजेस्टिव एंजाइम्स और पेट के एसिड की मदद से टूटकर डाइजेस्ट हो जाती है. नॉर्मल कंडीशन में मैदा आंतों की दीवारों पर चिपकर नहीं रहता.

पेट की ये दिक्कतों हो सकती हैं

डॉ. दीक्षा कहती हैं कि मैदा एक रिफाइंड फ्लोर है और इसमें फाइबर बहुत कम होता है. इसलिए इसका ज्यादा सेवन लोगों में डाइजेशन से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकता है. ऐसे में कब्ज, ब्लोटिंग, GRED और वेट गेन जैसी प्रॉब्लम्स आ सकती हैं.

मोमोज खाने के नुकसान

अगर आप ज्यादा मात्रा में मोमोज का सेवन करते हैं तो इससे गट हेल्थ पर बुरा असर तो पड़ता है साथ में कई दूसरे नुकसान भी होते हैं. एक्सपर्ट बताती हैं कि इससे वजन बढ़ने का खतरा भी पैदा होता है. फ्राइड, तंदूरी या मेयोनीज वाले मोमोज को खाने से बॉडी में कैलोरी और फैट का इंटेक ज्यादा होता है. नियमित या ज्यादा सेवन मोटापा या पेट पर एक्स्ट्रा फैट को बढ़ा सकता है.

क्या आप जानते हैं कि मोमोज को खाने से हमारा ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ सकती है. दरअसल, मैदा आसानी से पचता नहीं है और इस कारण ब्लड शुगर के बढ़ने की शिकायत होने लगती है. बार-बार खाने से मेटाबॉलिक सिंड्रोम के होने का खतरा पैदा हो सकता है.

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