गाजियाबाद: शौर्यापुरम टाउनशिप के लिए 10.30 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण; SIA सर्वे शुरू

शाहपुर बम्हैटा में 10.30 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट शुरू। जीडीए लाएगा आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट स्कीम।

गाजियाबाद में इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए शाहपुर बम्हैटा गांव की करीब 10.30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिला प्रशासन क्षेत्र में सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट स्टडी कराएगा, जिसके लिए एजेंसी नियुक्त कर दी गई। एजेंसी 15 दिन में सर्वे पूरा करेगी, जिसके बाद अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी।

माना जा रहा है कि दो माह में जमीन का अधिग्रहण कर आवासीय व व्यावसायिक भूखंड योजना आएगी। साथ ही बुनियादी ढांचा भी दुरुस्त होगा। वर्ष 2005 में गाजियाबाद के कई बिल्डरों को इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लाइसेंस दिए थे। इसी क्रम में वर्ष 2014 की एमेंडेड एंड रिवाइज्ड इंटीग्रेटिड टाउनशिप नीति तथा उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति 2023 के तहत एनएच -9 स्थित मैसेर्स एसएमवी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड करीब 205 एकड़ क्षेत्रफल में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित कर रहा है। इस परियोजना में शौर्यापुरम नाम से टाउनशिप भी विकसित हो रही है।

इस टाउनशिप की 80 फीसदी जमीन का ही अधिग्रहण हो चुका है। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने सभी इंटीग्रेटेड टाउनशिप को विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बिल्डरों के साथ बैठक कर सभी बाधाएं दूर करते हुए टाउनशिप विकसित करने के निर्देश दिए। अब शौर्यापुरम टाउनशिप को पूरी तरह विकसित करने के लिए शाहपुर बम्हैटा की बची हुई जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी। अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) अवनीश कुमार सिंह ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट स्टडी कराने के निर्देश दिए।

प्लॉट और ग्रुप हाउसिंग की स्कीम आएगी

शासन ने लोगों को घर मुहैया कराने के उद्देश्य से ही इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लाइसेंस जारी किए थे। साथ ही नई टाउनशिप नीति के तहत लोगों के लिए आवास व व्यावसायिक गतिविधियां के लिए भूखंड दिलाने की प्राथमिकता है।अधिग्रहण होने के बाद गाजियाबाद में रहने की इच्छा रखने वाले लोग अपना आशियाना बना सकेंगे।

बाहरी क्षेत्रों से संपर्क बेहतर होगा

एनएच-9 से नोएडा, दिल्ली और मेरठ का संपर्क (कनेक्टिविटी) सबसे अधिक बेहतर है। यहां से दिल्ली, नोएडा, हापुड़ और मेरठ हाईवे के जरिये जा सकते हैं। इसमें समय की भी बचत होती है। ऐसे में दिल्ली और नोएडा नौकरी करने वाले लोग यहां रहने को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे लोगों को काफी आसानी होगी।

प्रदीप कुमार सिंह, अपर सचिव, जीडीए, ”शासन के निर्देश पर इंटीग्रेटेड टाउनशिप तेजी से विकसित कराई जा रही है। बिल्डरों को निर्देश दिए हैं कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें। अब एजेंसी की रिपोर्ट के बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद यहां आवासीय, व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग योजना आएंगी, जिससे लोगों को फायदा होगा।”

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