CIA के पूर्व अधिकारी का बड़ा घोटाला: 382 करोड़ की संपत्ति और सोना जब्त
CIA के पूर्व अधिकारी डेविड रश पर फर्जी सीक्रेट प्रोग्राम बनाकर 382 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप। घर से मिली सोने की ईंटें और कैश। जानें पूरा मामला।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व अधिकारी डेविड रश पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है. जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्होंने एक सीक्रेट लूपहोल का फायदा उठाकर करीब 4 करोड़ डॉलर (लगभग 382 करोड़ रुपये) की संपत्ति जुटाई. उनके घर से बड़ी मात्रा में सोना, कैश और महंगी घड़ियां बरामद हुई हैं.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, डेविड रश ने कथित तौर पर एक फर्जी सीक्रेट प्रोग्राम बनाया था. उन्होंने इसे अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा बेहद सीक्रेट मिशन बताया. आरोप है कि इसी बहाने उन्होंने सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया और किसी को शक भी नहीं होने दिया. रश इस कार्यक्रम को कंटिन्यूटी ऑफ गवर्नमेंट ऑपरेशंस से जुड़ा बताते थे. यह ऐसी योजनाएं होती हैं, जिनका इस्तेमाल युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी बड़े संकट के दौरान सरकार के कामकाज को जारी रखने के लिए किया जाता है.
रश के घर से क्या-क्या मिला?
जांच में सामने आया है कि इस कथित योजना के जरिए रश ने कई महीनों के दौरान बड़ी संख्या में गोल्ड ब्रिक्स (सोने की ईंटें) जुटाईं. बाद में FBI ने उनके वर्जीनिया स्थित घर पर छापा मारा. वहां से 303 सोने की ईंटें, करीब 20 लाख डॉलर कैश और दर्जनों महंगी घड़ियां बरामद की गईं.
सरकारी वकीलों ने रश को मास्टर मैनिपुलेटर बताया है. उनका कहना है कि उन्होंने सरकारी एजेंसियों में अहम पद पाने के लिए अपनी पढ़ाई और काम के अनुभव से जुड़ी गलत जानकारियां दी थीं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या रश ने अपने कुछ साथ काम करने वाले कर्मचारियों को भी इस सीक्रेट प्रोग्राम में शामिल किया था. हालांकि, उन लोगों को यह नहीं बताया गया था कि रश का प्रोग्राम फर्जी था.
CIA पर उठे सवाल
इस मामले ने CIA की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बनाई गई इतनी सीक्रेट व्यवस्था का इतने लंबे समय तक गलत इस्तेमाल कैसे होता रहा. फिलहाल डेविड रश हिरासत में हैं. अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि अधिकारियों को आशंका है कि वह फरार हो सकते हैं. मामले की जांच अभी जारी है और आगे और आरोप भी लगाए जा सकते हैं.