क्या चावल धोना सही है? जानें धोने से कम होते हैं कौन से पोषक तत्व

चावल धोने से क्या इसके जरूरी पोषक तत्व निकल जाते हैं? नई स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे। जानें चावल धोने का सही तरीका और कब धोने की जरूरत नहीं होती।

भारतीय घरों में चावल डेली रूटीन में खाया जाने वाला अनाज है और इसकी बड़ी मात्रा में खपत होती है. चावलों को बनाने से पहले धोते जरूर हैं ताकि चावल के ऊपर जमा गंदगी या इस पर किसी भी तरह का केमिकल कोट हो तो वो हट जाए, लेकिन क्या ये सही है. आपने देखा होगा कि जब हम चावल धोते हैं तो उसमें से हल्का दूधिया या क्रीम कलर का पानी निकलता है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या चावलों के ऊपर से धूल, आर्सेनिक, माइक्रोप्लास्टिक हटने के अलावा उसके पोषण पर भी असर होता है. नई स्टडी आपके सी सवाल का जवाब है, कि क्या चावलों को धोने से इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व भी कम हो सकते हैं.

किसी भी फूड को साफ करने से लेकर पकाने तक के प्रोसेस पर डिपेंड करता है कि आपके शरीर को कितने पोषक तत्व मिलेंगे. इसी तरह से चावलों को धोने पर पानी में घुलनशील कुछ न्यूट्रिएंट्स नष्ट हो सकते हैं जिससे पूरा पोषण नहीं मिल पाता है. तो चलिए जान लेते हैं कि कौन से न्यूट्रिएंट्स पानी के साथ नष्ट हो सकते हैं और कब चावलों को धोने की जरूरत नहीं होती है.

ये पोषक तत्व हो सकते हैं कम

चावलों में मौजूद स्टार्च को लेकर पहले भी कई अध्ययन हो चुके हैं, जिसमें पाया जाता है कि चावलों को धोने से उसमें मौजूद माइक्रो प्लास्टिक भी धुल जाते हैं.लाइव साइंस में छपे एक लेख के मुताबिक आहार विशेषज्ञ, मैंटजियोरिस कहते हैं कि जब आप चावलों को धोते हैं तो उसमें मौजूद (नेचुरली पानी में घुलने वाले पोषक तत्व) आयरन, कॉपर, वैनेडियम, जिंक कम हो सकते हैं. वह कहते हैं हालांकि डेली रूटीन में होने वाले पोषक तत्वों की पूर्ति में चावल एक छोटा सा हिस्सा ही कंप्लीट करते हैं. इसलिए चावलों को धोने सो पोषण पर कई खास असर पड़ने की संभावना नहीं रहती है.

पहले हुई हैं कई स्टडी

2019 में हुई एक स्टडी कहती है कि चावलों को उगाने और इसके ऊपर का छिलका हटाने जैसे प्रोसेस के दौरान उसपर मौजूद धूल, बचे छिलके, चोकर को हटाने के लिए चावलों को धोना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इससे पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. दरअसल कई जगहों पर इसे पकाने से पहले 3 से 5 बार तो कुछ इसे 2 से 3 बार धोते हैं. इससे चावल की ऊपरी लेयर पर चिपके तकरीबन 60 से 80 प्रतिशत फैट को हटाया जा सकता है.

इन चावलों को धोने की नहीं जरूरत

सुपरमार्केट में मिलने वाले पैक्ड चावलों को उपभोक्ता तक पहुंचाने से पहले आमतौर पर छलनी, ब्लोअर जैसी मशीनों से क्लीन करने के साथ ही सुखाया जाता है. ऐसे में भंडारण के दौरान चावलों में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकने में मदद मिलती है और इसे आमतौर पर धोने की जरूरत नहीं पड़ती है. अगर आप चावलों से मिट्टी या आर्सेनिक, माइक्रोप्लास्टिक जैसे अपशिष्ट हटाना चाहते हैं तो पकाने से पहले 1 या 2 पानी से हल्का धोना पर्याप्त रहता है.

चावलों में न्यूट्रिशन

पबमेड में छपी एक रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की आधी से अधिक आबादी के लिए चावल एक मुख्य भोजन है और इसे 100 से ज्यादा देशों में उगाया जाता है तो वहीं इसकी 110,000 से अधिक किस्में हैं. इनकी गुणवत्ता और पोषक तत्वों की मात्रा अलग-अलग होती है. अमूमन चावलों में कैलोरी के अलावा मैग्नीशियम, फास्फोरस, मैंगनीज, सेलेनियम, आयरन, फोलिक एसिड, थायमिन और नियासिन का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसमें फाइबर और फैट कम होता है.

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