हरियाणा कुश्ती: अब पहलवानों की उम्र होगी ‘आधार’ से वेरिफाई, फर्जीवाड़े पर रोक
हरियाणा कुश्ती संघ ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू की नई डिजिटल उम्र सत्यापन प्रक्रिया। अब आधार कार्ड और ओटीपी से होगी पहलवानों की उम्र की जांच।
पानीपत: भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के बाद हरियाणा कुश्ती संघ ने पहलवानों के लिए ‘आधार ऐप’ और ‘ओटीपी’ आधारित उम्र सत्यापन प्रक्रिया लागू कर दी है। इससे फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलेगी। इसे लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष रमेश बोहर का कहना है इसकी शुरुआत रोहतक एमडीयू में 10 से 12 जुलाई तक होने वाली अंडर-23 राज्य कुश्स्पर्धा से होगी।
वहीं, डब्ल्यूएफआई ने पहलवानों के बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर किए आयु सत्यापन रद्द कर दिए हैं। अब उम्र की प्रामाणिकता साबित करने के लिए आधार कार्ड के जरिए वेरिफिकेशन कराना होगा। यह फैसला गोंडा में अंडर-17 नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में बड़े पैमाने पर उम्र में हेराफेरी के मामले सामने आने के बाद लिया है।
अब कैसे होगा असली उम्र का फैसला?
यूनीक डिजिटल वेरिफिकेशन: अब किसी भी पहलवान की उम्र की प्रामाणिकता साबित करने के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त डिजिटल पहचान डेटाबेस और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए लाइव वेरिफिकेशन किया जाएगा। इससे खिलाड़ी का असली रिकॉर्ड तुरंत सामने आ जाएगा और कोई भी पहलवान दोबारा फर्जी दस्तावेज तैयार नहीं करवा पाएगा। इस कदम से खेल में पारदर्शिता आएगी और केवल योग्य एवं सही उम्र वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को ही आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।