रुपए में शानदार तेजी: सस्ते कच्चे तेल ने डॉलर के मुकाबले दी मजबूती

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से भारतीय रुपया 52 पैसे मजबूत हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया 94.24 पर पहुंचा। जानें क्या है बाजार का हाल और इसका असर।

करीब चार महीनों के बाद रुपए का जिगरी दोस्त बाजार में वापस आ गया है. ये दोस्त कोई और नहीं सस्ता कच्चा तेल है. कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. गुरुवार को खाड़ी देशों का कच्चा तेल प्री वॉर लेवल पर आ गया है. जिसकी वजह से डॉलर इंडेक्स बढ़ते कदम भी रुपए को गिराने में नाकामयाब साबित हुआ है. सस्ते कच्चे तेल की बदौलत ही लगातार दूसरे दिन रुपए की शानदार शुरुआत हुई है. जबकि एक​ दिन पहले रुपए का अंत भी काफी अच्छा रहा था. तब से अब तक डॉलर के मुकाबले में रुपए में 50 पैसे से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर डॉलर के मुकाबले में रुपए में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

लगातार दूसरे दिन रुपए में तेजी

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे बढ़कर 94.24 पर पहुंच गया. इसकी वजह ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट थी, जिससे कीमतें पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर से भी नीचे आ गईं. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि डॉलर के कमजोर होने और घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल ने रुपये को सहारा दिया, जबकि FII (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की भारी बिकवाली ने इसमें और ज्यादा बढ़त को रोक दिया. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर खुला और मजबूत होकर 94.24 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे ज्यादा है. बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे मजबूत होकर 94.55 पर बंद हुआ था. इसका मतलब है कि रुपए में दो दिनों में 52 पैसे की तेजी देखने को मिल चुकी है.

सस्ता कच्चा तेल बना रुपए का सहारा

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव ने कहा कि ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर मजबूत खुला. कीमतें ईरान संघर्ष से पहले के स्तर से भी नीचे आ गईं. इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 10 प्रतिशत से ज्यादा और इस महीने 21 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, जिससे भारत के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता कम हुई है और घरेलू करेंसी को सहारा मिला है. यादव ने कहा कि हालांकि, रुपये में बढ़त सीमित रही क्योंकि अमेरिकी डॉलर 101.5 के आसपास एक साल के उच्चतम स्तर के करीब बना रहा. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व सख्त मॉनेटरी पॉलिसी बनाए रख सकता है.

कुछ ऐसा है बाजार का हाल

इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 101.50 पर ट्रेड कर रहा था, जो 0.10 प्रतिशत कम था. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स ट्रेड में 1.72 प्रतिशत गिरकर 72.47 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था. घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 440.23 अंक चढ़कर 77,435.76 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 137.80 अंक बढ़कर 24,147.60 पर पहुंच गया. एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को नेट आधार पर 1,843.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

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