पंचकूला: ऑपरेशन मैदान 2.0 का असर, 34 नशा तस्कर गिरफ्तार, भारी ड्रग्स बरामद
पंचकूला पुलिस के ऑपरेशन मैदान 2.0 के तहत 34 तस्कर गिरफ्तार। 6.30 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ बरामद। ड्रग हॉटस्पॉट पर कड़ी निगरानी, जानें पूरी खबर।
पंचकूला: ऑपरेशन मैदान 2.0 के तहत पंचकूला पुलिस लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है. पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के नेतृत्व में 28 मई से शुरू इस अभियान के तहत व्यापक कार्रवाई की गई है. पुलिस कमिश्नर पंकज ने बताया कि पंचकूला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ विशेष रणनीति के तहत लगातार काम कर रही है.
21 मामलों में 34 नशा तस्कर काबू: इस अभियान के दौरान अब तक 21 अलग-अलग मामलों में 34 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही उनके कब्जे से करीब 6 करोड़ 30 लाख रुपये की कीमत के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं. इस दौरान पुलिस केवल स्थानीय तस्कर ही नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने में सफल रही.
ये नशा बरामद किया: डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि “अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 2 किलो 787 ग्राम हेरोइन, 11 किलो 757 ग्राम अफीम, 931 ग्राम चरस, 1 किलो 45 ग्राम गांजा और 67 ग्राम कोकीन बरामद की. सभी मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है. साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, सप्लाई चेन और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास जारी है. पूर्व में गिरफ्तार होकर जमानत पर बाहर आए 404 नशा तस्करों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उनकी अपराध में दोबारा संलिप्तता को रोका जा सके.”
हॉटस्पॉट, डॉग स्क्वायड व संपत्ति ध्वस्त: डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि “जिले में संभावित ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर लगातार दबिश, औचक रेड और विशेष चेकिंग अभियान चलाए गए. एक माह के दौरान सभी थाना, चौकी और क्राइम यूनिट की टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए 253 स्थानों पर डॉग स्क्वॉड की सहायता से रेड की और 22 ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की. चिन्हित हॉटस्पॉट पर खुफिया निगरानी के साथ 23 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है. इसके अलावा 41 खराब सीसीटीवी की मरम्मत कर उन्हें दोबारा सक्रिय किया गया. रेड के दौरान 719 संदिग्ध वाहनों की भी गहन तलाशी ली गई. साथ ही ऐसे तीन नशा तस्करों की पहचान की गई है, जिनकी नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार फ्रीज या ध्वस्त किया जाएगा.”
97 नशा पीड़ितों का उपचार: इस अभियान के दौरान सामाजिक स्तर पर नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए. एक माह में 97 नशा पीड़ितों का उपचार शुरू कराया गया, जबकि 7 व्यक्तियों को नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया. इसके अलावा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के उद्देश्य से ड्रग इंस्पेक्टर के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 117 मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण किया गया.
सीसीटीवी से एकीकृत निगरानी: नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पंचकूला पुलिस आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग कर रही है. जिलेभर की 1213 विभिन्न लोकेशनों पर लगे लगभग 2736 सीसीटीवी को एकीकृत निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों, नशा नेटवर्क और तस्करों की आवाजाही पर रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा रही है.
इन हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि “एक माह तक चले इस अभियान में पुलिस ने जमीनी स्तर पर नशा तस्करों और उनके नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है.” उन्होंने आमजन से अपील की है कि “नशा छोड़ने, नशा तस्करी की सूचना देने या सहायता प्राप्त करने के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 और ड्रग इंफो हेल्पलाइन 7087081100 और 7087081048 पर संपर्क करें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.”